पुलिस महानिरीक्षक दक्षिण रेंज बस्तर सुंदरराज पी० (भापुसे) के मार्गदर्शन और मुख्य आतिथ्य में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित सशस्त्र बल की 15वीं वाहिनी में बस्तर फाइटर नव आरक्षकों का बुनियादी प्रशिक्षण प्रथम सत्र दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। उक्त सत्र में 206 प्रशिक्षुओं को 213 दिवस का गहन प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 204 प्रशिक्षु आरक्षक अपनी अंतिम परिणीति को प्राप्त कर पाए जबकि 02 अन्य स्वास्थ्यगत कारणों से प्रशिक्षण पूर्ण नही कर सके।
आउटडोर प्रशिक्षण में शारीरिक दक्षता के साथ योग और आत्मरक्षा के विभिन्न तरीकों की बुनियादी जानकारी भी दी गई, साथ ही नक्सल क्षेत्र में उपयोग आने वाले विभिन्न हथियारों के अलावा फिल्ड क्रॉफ्ट और एम्बुश आदि से बचने की सलाह दी गई। अपने संबोधन में बस्तर आईजी सुन्दरराज पी० द्वारा सभी नवआरक्षकों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और वर्दी से मिली ताकत का सदुपयोग करते हुए बस्तर क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन संबंधी कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की सलाह दी। साथ ही अपने क्षेत्र के ग्रामीणों और अन्य लोगों को नक्सल भय मुक्त बस्तर बनाने हेतु प्रेरित करने संबंधी शपथ भी दिलवायी गयी।
कार्यक्रम के दौरान सम्पूर्ण सत्र में सर्वोत्तम प्रशिक्षणार्थी हेमंत कुमार सेठिया को प्रथम एवं बिजय कुमार को द्वितीय स्थान आने पर पुरूस्कृत किया गया। पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी (भापुसे) द्वारा कोण्डागांव जिले से आये हुये जवानों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पुछते हुए उन्हें कर्तव्य स्थल पर जवानों को सहयोग करने हेतु प्रेरित भी किया।
इसी दौरान जिला- बीजापुर पुलिस अधीक्षक, आंजनेय वार्ष्णेय द्वारा लिखित किताब "जंगलवार-युद्ध कला व कौशल" का विमोचन भी पुलिस महानिरीक्षक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं द्वारा 20 दलीय प्रशिक्षण टीम का आभार व्यक्त किया गया तथा पूर्ण निष्ठा और मनोयोग से अपने कर्तव्य का निर्वहन किये जाने की बात कही गई।