कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भाजपा पर आरोप
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बताया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में कहा था कि बस्तर के आदिवासी और ग्रामीण मरीजों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उपचार सीजीएचएस दरों पर किया जाएगा, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मरीज आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने आते हैं। लेकिन अस्पताल शुरू होते ही एडमिशन शुल्क और जांच के नाम पर भारी रकम लिए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं।
मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता अस्पताल पहुंचे। सभी ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल परिसर के बाहर जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और गरीबों से वसूली बंद करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।