फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jagdalpur: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का सरकार पर जोरदार हमला, बोले- निकालेंगे पदयात्रा, पढे़ं

Wed, 21 May 2025 06:55 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  दीपक बैज ने संबोधित करते हुए कहा बस्तर के संसाधनों पर भाजपा सरकार की बुरी नजर है।  विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कॉरपोरेट घरानों का चारागाह बना दिया है।
विज्ञापन
दीपक बैज व अन्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  दीपक बैज ने संबोधित करते हुए कहा बस्तर के संसाधनों पर भाजपा सरकार की बुरी नजर है।  विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कॉरपोरेट घरानों का चारागाह बना दिया है। बस्तर की चार बड़ी लौह अयस्क खदानें निजी पूंजीपतियों को इसमें से 2 खदानें बैलाडीला 1ए और बैलाडीला 1बी की खदान आर्सेलर मित्तल को 50 साल के लिए लीज पर दे दिया। बैलाडीला 1सी खदान रूंगटा स्टील को 50 सालों के लिए दिया गया। कांकेर जिले के हाहालादी खदान सागर स्टोन को 50 साल के लिए दे दिया गया है। यह शुरुआत है इसके बाद बस्तर के सभी बहुमूल्य खनिज संपदा को अडानी को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अडानी के लिए बस्तर में रेड कारपेट बिछाया जा रहा, भाजपा सरकार बस्तर में खनन आधारित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्थापित करने के बजाय, बहुमूल्य खनिज संसाधन औने-पौने दाम पर पूंजीपतियों को लुटा रही है। विगत दिनों केंद्रीय इस्पात मंत्री छत्तीसगढ़ आए थे, तमाम विरोध के बावजूद भारत सरकार का सरकारी उपक्रम फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड भिलाई स्थित यूनिट को मात्र 320 करोड़ में बेच दिया, जो कभी घाटे में नहीं रही बल्कि लगभग 100 करोड़ प्रति वर्ष का मुनाफा कमा रहा थी।

विज्ञापन


रमन सिंह की सरकार बस्तर के नागराज पर्वत मोदी के मित्र अदानी को बेचा गया ग्राम सभा की फर्जी एनओसी लगाई गई, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने जांच के बाद आवंटन रद्द करने का प्रस्ताव केंद्र की मोदी सरकार को भेजा गया लेकिन वह भी आज तक लंबित है। बस्तर के नगरनार में 20 हजार करोड़ से अधिक के सार्वजनिक क्षेत्र एनएमडीसी के प्लांट को बेचने के लिए केंद्र की मोदी सरकार विनिवेशीकरण की सरकारी साइट दीपम पर सेल लगाकर रखी है। बस्तर के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अधिकार को बेच रही है, मोदी सरकार चुनाव के समय मोदी और अमित शाह ने बस्तर की जनता से वादा किया था कि नगरनार नहीं बिकेगा लेकिन बेचने की प्रक्रिया आज भी जारी है,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार की बुरी नजर केवल बस्तर के संसाधनों पर है। 

कांग्रेस बस्तर के संसाधनों के बंदरबांट के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन चलायेगी
हम तीन दिन की पदयात्रा निकाल कर बस्तर के संसाधनों के बंदर बाँट का विरोध करेंगे, मुख्यमंत्री के दामाद के लिये मुर्गा, मटन की व्यवस्था नहीं करने पर सरपंच और ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर तानाशाही नही चलने देगे, मुख्यमंत्री के बेटी दामाद की खातिरदारी के लिये राशि नहीं देने पर बस्तर के ग्राम पंचायत चित्रकोट के सरपंच और 12 अन्य ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की कांग्रेस निंदा करती है यह बेहद चिंता का विषय है कि अधिकारी सत्तारूढ़ दल के नेताओं और शासकीय अधिकारियों की खातिरदारी करने के लिये ग्रामीणों पर दबाव बनाते है और नहीं मानने पर उनके खिलाफ झूठा एफआईआर दर्ज करवाते है। 
विज्ञापन


विगत दिनों 15 मई को मुख्यमंत्री के बेटी दामाद (राज्य अथिति) के प्रवास के दौरान लोहंडीगुड़ा के एसडीएम द्वारा चित्रकोट के सरपंच को फोन कर चित्रकोट के सामने बने पार्किंग नाका के पैसे से मुख्यमंत्री के बेटी दामाद के लिए मुर्गा, मटन एवं अन्य चीजों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया, जिसके बाद सरपंच द्वारा मना करने पर उसे नोटिस दे कर नाका को बंद करने का निर्देश लोहंडीगुड़ा एसडीएम द्वारा दिया गया, जबकि पार्किंग नाका चलाना ग्राम पंचायत का अधिकार है, विगत 10 सालों से इसे ग्राम पंचायत एवं उनके समिति के द्वारा चलाया जा रहा है। नोटिस मिलने के बाद सरपंच एवं ग्रामीणों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया तो उल्टे उनके खिलाफ 126(2)- BNS, 189(2)- BNS जैसे धाराएं दर्ज की गई है। 

मुख्यमंत्री को अपने बेटी दामाद की खातिरदारी करवानी ही थी राज्य सरकार के सत्कार मद से करवा लेते। चित्रकोट मेरा विधानसभा क्षेत्र, लोकसभा क्षेत्र है वे बताते तो मैं खुद अपनी तरफ से उनके दामाद की मेहमान नवाजी करवाता, लेकिन एक आदिवासी सरपंच को प्रताड़ित करवाना उचित नहीं है, बस्तर के ग्रामीणो से जबरिया मुर्गा, मटन एवं अन्य व्यवस्थायें करवाने की परंपरा पर विराम लगना चाहिये। ऐसे शोषणो से ही समाज में आक्रोश पैदा होता है, जो व्यवस्था के खिलाफ जनांदोलन का रूप लेता है। चित्रकोट के ग्रामीणों ने इस अन्याय के खिलाफ आंदोलन छेड़ा है। सरकार में बैठे हुये लोग अपनी इन्हीं हरकतों से आदिवासियों के मन में सरकार के खिलाफ अविश्वास पैदा करते है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें