छत्तीसगढ़ के बस्तर में हुए झीरम घाटी हमले में शहीद कांग्रेस नेताओं और जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को जगदलपुर पहुंचे। यहां पर शहीदों के परिजनों और उनकी पत्नियों से मुलाकात के बाद भावुक हो गए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, जो वार किए गए, वो पूछ रहे हैं, हमको न्याय कब मिलेगा।
कहा कि नक्सली रमन्ना और गणपति का नाम एफआईआर में था। कोर्ट के आदेश पर संपत्ति कुर्क की गई। फिर मई में केंद्र में भाजपा की सरकार बनी, लेकिन सितंबर में इन नक्सलियों के नाम हटा दिए गए। किसके कहने पर ऐसा हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर नक्सली गणपति और रमन्ना को बचाने का आरोप लगाया। कहा कि, अगर वो पकड़े जाते तो सच्चाई सामने आती कि उस षडयंत्र के पीछे कौन लोग हैं। केंद्र की सरकार न तो हमको इसकी जांच हमें कर रही है और न ही खुद जांच कर रही है। षडयंत्रकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, जब तक न्याय नही मिलेगा, तब तक लड़ाई जारी रखेंगे। कहा कि, पूरी कांग्रेस पार्टी शहीद परिवारों के साथ है। सभी प्रकार के नक्सलवाद और हिंसा का डटकर सामना करते हुए राज्य को शांति का टापू बनाएंगे।
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लाल बाग मैदान में बने झीरम मेमोरियल पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री समेत सभी नेताओं ने झीरम घाटी में नक्सल हिंसा के शिकार हुए जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बल के जवान और विगत वर्षों से लेकर वर्तमान तक नक्सल हिंसा में शहीद हुए अन्य सभी नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद प्रदेश को शांति का टापू बनाने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और शॉल और श्रीफल भेंट किया। फिर कृषि महाविद्यालय पहुंचे और वीर गुंडाधुर की प्रतिमा का अनावरण किया।
सीएम ने कहा- अनसुलझे सवाल आज भी जिंदा
मुख्यमंत्री बघेल ने झीरम हमले में मारे गए और शहीदों को नमन कर विनम्र श्रद्धांजलि दी है। कहा कि, झीरम घाटी में 25 मई 2013 को हुए नक्सल हमले में शहीद हमारे नेताओं और जवानों की शहादत को हम सबका प्रणाम। आज पूरा प्रदेश जब झीरम श्रद्धांजलि दिवस मना रहा है, तब सब अनसुलझे सवाल आज भी जिंदा हैं। हम सब राज्य को शांति का टापू बनाने की अपनी शपथ को दोहराते हैं।