विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर दलपत सागर में चलाया गया स्वच्छता अभियान।
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विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर रविवार को दलपत सागर में सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे। उन्होंने मासिक धर्म से संबंधित कुरीतियों को खत्म करने के लिए जागरूकता संदेश दिया। कहा कि, एक नियमित शारीरिक प्रक्रिया है। इसे लेकर बनीं भ्रांतियों ने कुरीतियों का रूप ले लिया। कलेक्टर और महापौर सहित सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता प्रेमियों ने इस अवसर पर विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का प्रतीक चिन्ह अपने अपने हाथों में रंगवाया। इस दौरान दलपत सागर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
महापौर सफीरा साहू ने कहा कि, मासिक धर्म के संबंध में कुरीतियों की समस्या सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं देखी जाती है। इन्हें दूर करने की आवश्यकता है। कलेक्टर विजय ने कहा कि मासिक धर्म एक नियमित शारीरिक प्रक्रिया है, किंतु इसे लेकर समाज में कई ऐसी कुरीतियां व्याप्त हो गई हैं, जिन्हे दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान आम तौर पर महिलाओं को किसी सामान को छूने या कहीं आनें जाने पर पाबंदी लगाई जाती है। वहीं मासिक धर्म को कन्या के विवाह के अवसर से भी जोड़ा जाता है।
कलेक्टर ने कहा कि, विवाह के लिए न्यूनतम आयु कानून में निर्धारित है। मासिक धर्म के आधार पर किसी कन्या का विवाह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आज युवतियों के सपने बड़े हैं। वे अपने आप को सिर्फ बेसिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। उच्च शिक्षा प्राप्त कर स्वयं की प्रतिभा को भी साबित करना चाहती हैं। कहा कि आज यहां दलपत सागर के स्वच्छता अभियान और विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक दिख रही है, जो एक अच्छा संकेत है। उन्होंने मासिक धर्म के संबंध में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के संकल्प को घर-घर पहुंचाने की अपील की।