सुकमा जिले के चिंगावरम में साल 2010 में हुए विस्फोट के बाद शहीद और घायलों के परिवार वालों को सरकार ने सरकारी नौकरी दी थी। इस घटना में घायल एक ग्रामीण को डीईओ कार्यालय में नौकरी दी गई थी। जिसने बीती 13 तारीख को जहर खा लिया, जिसे बेहतर उपचार के लिए मेकाज लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 28 वर्षीय महादेव दूधी ने अज्ञात कारण से जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल आई मृतक महादेव दूधी की पत्नी देवे दूधी ने बताया कि सुकमा के राजामुंडा में वे लोग रहते थे। डीईओ दफ्तर में महादेव प्यून की जॉब करता था। 13 अक्टूबर को उसने अज्ञात कारणों के चलते जहर का सेवन कर लिया।
जिसके बाद से उसकी हालत लगातार बिगड़ती देख उसे सुकमा अस्पताल से मेडिकल कॉलेज जगदलपुर लाया गया, जहां आज उसकी मौत हो गई। मृतक की पांच साल की छोटी बच्ची हंशिका भी है। बता दें कि 17 मई 2010 को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सरहद पर चिंगावरम में नक्सलियों ने यात्री बस को आईईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया था। इस घटना में बस सवार 16 जवान और 15 आम लोग मारे गए थे। हादसे के पीड़ितों में महादेव भी थे। जिसके बाद उसे सरकारी नौकरी मिली थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था।