देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पूरे देश में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विभिन्न शहरों में आयोजित समारोहों में शहीद पुलिसकर्मियों के शौर्य और बलिदान को नमन किया गया। जगदलपुर में लालबाग स्थित अमर वाटिका में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया, जहां आईजी, एसपी और अन्य आला अधिकारियों ने वीर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की।
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्तूबर को मनाया जाता है। इस दिन का ऐतिहासिक महत्व 21 अक्टूबर 1959 को है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 बहादुर पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। तब से, इस दिन को पुलिस कर्मियों द्वारा राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में एक स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पुलिस कर्मियों द्वारा दिए गए बलिदान और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अखंडता को बनाए रखने में उनकी सर्वोच्च भूमिका के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है। इस दौरान बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा, विकास के लिए भारत के वीर सपूतों ने अपने जान तो दे दिया।
अगर बात करें तो बीते 2024-25 में 191 जवानों ने भारत की सुरक्षा के लिए अपनी जान दी। जिसमें 16 बस्तर जिले के जवान, जबकि 175 जवान अलग-अलग राज्यों से थे। वहीं 23 बीएसएफ के जवान हैं। इन जवानों की शहादत को प्रति वर्ष नमन किया जाता है। इस दौरान जवानों को सलामी के साथ ही श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।