सचिवों के हड़ताल पर जाने से पंचायतों में होने वाले मनरेगा, पेंशन वितरण, राशनकार्ड वितरण, निर्माण कार्य, गौठान, जन्म मृत्यु , वन अधिकार पत्र, जाति निवास, किसान न्याय, नलजल व आधार सीडिंग आदि का काम प्रभावित हो कर ठप पड़ गए हैं।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पंचायतों के सचिव सोमवार को बेमुद्दत हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते पंचायतों से चल रही दर्जन भर योजनाओं के काम ठप हो गए हैं। ये पंचायत सचिव परीवीक्षा अवधि के बाद शासकीयकरण करने की मांग कर रहे हैं। पंचायत सचिवों का कहना है कि जब तक उनकी एक सूत्रीय मांग शासकीयकरण पूरी नहीं कि जाति है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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पंचायत मंत्री ने बजट सत्र में पंचायत सचिवों के शासकीयकरण किए जाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ। इसके चलते नाराज छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर प्रदेश भर में बेमुद्दत हड़ताल शुरू की गई है। जिले के भैरमगढ़, उसूर, बीजापुर व भोपालपटनम ब्लॉक में सचिवों ने एक सूत्रीय मांग को लेकर कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी है।
सचिवों के हड़ताल पर जाने से पंचायतों में होने वाले मनरेगा, पेंशन वितरण, राशनकार्ड वितरण, निर्माण कार्य, गौठान, जन्म मृत्यु , वन अधिकार पत्र, जाति निवास, किसान न्याय, नलजल व आधार सीडिंग आदि का काम प्रभावित हो कर ठप्प पड़ गए हैं