गृहमंत्री अमित शाह ने स्कूल में बच्चों को बांटी टॉफियां।
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दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय बस्तर दौरे पर शुक्रवार को जगदलपुर पहुंचे थे। उनको यहां पर CRPF के 84वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होना था। इस दौरान कार्यक्रम के बाद अचानक शाह हेलीकॉप्टर से सुकमा के लिए रवाना हो गए। वहां के एक गांव पोटकपल्ली में उनका हेलीकॉप्टर उतरा। इसके बाद गृहमंत्री गांव के सरकारी स्कूल में पहुंचे और बच्चों से मुखातिब हुए। अपना परिचय दिया, बच्चों का परिचय लिया। फिर बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत हो गई।
स्कूल में चार्ट दिखाकर बच्चों से जानवरों के बारे में पूछते गृहमंत्री शाह।
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शाह ने क्लास रूप में टंगे चार्ट पर बने जानवरों को देखा और फिर एक-एक कर बच्चों को पास बुलाया। चार्ट पर बने चित्र पर उंगली रखते और बच्चों से उनके बारे में पूछते। बच्चे भी गृहमंत्री के सवालों का जवाब देते रहे। इस दौरान गृहमंत्री ने उन्हें अंग्रेजी में भी जानवरों के नाम बताए। थोड़ी ही देर की बातचीत में बच्चे भी गृहमंत्री शाह के साथ घुलमिल गए। उन्होंने भी जमकर बातें की। थोड़ी देर स्कूल में रुकने और बच्चों से बातचीत के बाद गृहमंत्री अमित शाह वहां से हेलीकॉप्टर से फिर रवाना हो गए।
सीआरपीएफ डीजी ने गृहमंत्री को भेंट किया प्रतीक चिन्ह।
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गृहमंत्री शाह का सुकमा जाने की कोई योजना नहीं थी। माना जा रहा है कि अफसरों से बातचीत के दौरान जब उन्हें पता चला कि बस्तर में फोर्स विकास, विश्वास और सुरक्षा तीन सूत्रीय कार्यक्रम के तहत नक्सलवाद का खत्म कर रही है, तो वह स्थिति का जायजा लेने के लिए सुकमा निकल गए। इससे पहले जगदलपुर में गृहमंत्री शह ने आदिवासी भाषा के पहले समाचार बुलेटिन का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह प्रसार भारती के बस्तर संभाग की स्थानीय भाषा हल्बी की समाचार सेवा है।
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की भाषा में पहला समाचार बुलेटिन शुरू करने के लिए आकाशवाणी और दूरदर्शन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे ना केवल हमारी स्थानीय भाषाएं मज़बूत होंगी, बल्कि इस क्षेत्र में रह रहे लोगों को देश-दुनिया में घटित होने वाली घटनाओं के समाचार मिल सकेंगे और इससे देश और दुनिया के साथ उनका संपर्क भी बढ़ेगा। इसका मकसद आदिवासियों को उनकी ही बोली-भाषा में देश-दुनिया की खबरें पहुंचाना हैं।