12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
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दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार की सुबह 12 नक्सलियों ने लाल गलियारे को छोड़ समाज के मुख्यधारा में जुड़ गए, इन नक्सलियों में से 9 के ऊपर इनाम घोषित था, साथ ही इनके साथ ही अब तक 1 हजार से अधिक नक्सलियों ने खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर अब पुलिस के साथ बस्तर में शांति की अपील कर रहे है। बता दे कि 9 जुलाई की सुबह 9 ईनामी नक्सली सहित 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, आत्मसमपर्ण करने वाले नक्सलियों में एक दंपति भी शामिल है।
जिला दन्तेवाड़ा में लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है, जून 2020 में शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत अब तक 1005 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, 18 जून 2025 तक जिला व सीमावर्ती जिलों सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर में 993 नक्सलियों के द्वारा आत्मसमर्पण कर जीवन के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं, 9 जुलाई को 9 ईनामी नक्सली सहित 12 नक्सलियों ने समाज के मुख्यधारा में विश्वास दिखाते हुए समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए इच्छा जाहिर की जिसका स्वागत करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये, इसके साथ ही दंतेवाड़ा पुलिस की लोन वर्राटू अभियान ने 1000 आत्मसमर्पण का आंकड़ा पार कर लिया है, नक्सली संगठन का लगातार कमजोर होना, विचारधारा में गिरावट और आंतरिक संघर्ष, शासन की पुनर्वास, संगठन के भीतर शोषण, भेदभाव और हिंसा से मोहभंग,जंगलों में लगातार चल रहे सुरक्षा बलों के अभियानों और रणनीतिक घेराबंदी, परिवार से जुड़ाव और शांति की चाह ने सक्रिय नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया है।