जगदलपुर में आरक्षक को थमाया तबादले का नोटिस
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सोशल मीडिया पर पिछले दो दिनों से सेनानी 19वीं पोखरण वाहिनी, छसबल करनपुर में धोबी की पोस्ट पर तैनात जवान और सहायक सेनानी जेम्स एक्का के बीच चल रहा विवाद छाया हुआ है। दरअसल, आरोप लगाया जा रहा है कि करनपुर में तैनात हेड आरक्षक (धोबी) रामचरण निर्मलकर ने अपने अफसरों के अंडरगारमेंट्स को धोने से मना कर दिया। इस बात पर नाराज होकर पोखरण वाहिनी करनपुर के सहायक सेनानी जेम्स एक्का ने एक नोटिस जारी कर तबादला बीजापुर कर दिया गया है।
रामचरण निर्मलकर को अफसरों के अंडर गारमेंट्स को धोने से मना करना महंगा पड़ गया। रामचरण के अनुसार, उसने अंडर गारमेंट्स को यह कहकर धोने से मना किया था कि यह सिविल कपड़े हैं। उसके मुताबिक जब उसने अंडरगारमेंट्स को धोने से मना कर दिया तो तुरंत ही एक पत्र जारी करके उसके तबादले का फरमान निकाल दिया गया।
बताया जा रहा है कि यह विवाद 14 जनवरी को शुरू हुआ था और इस मामले में 16 जनवरी को धोबी के ट्रांसफर का आदेश भी निकाल दिया गया। ऐसे में सोशल मीडिया पर पोखरण वाहिनी करनपुर के सहायक सेनानी जेम्स एक्का की ओर से जारी नोटिस और इसके जवाब में हेड आरक्षक (धोबी) रामचरण निर्मलकर की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण की कॉपी दो दिनों से वायरल हो रही है।
बता दें, सोशल मीडिया पर पहले किसी ने सहायक सेनानी जेम्स एक्का की ओर से जारी तबादला पत्र का नोटिस डाला जिसके बाद रामचरण के बीजापुर ट्रांसफर वाले आदेश की कॉपी शनिवार की शाम किसी ने सोशल मीडिया पर डाल दी। इससे ये दोनों ही पत्र पिछले दो दिनों से काफी चर्चा में हैं। इस पूरे मामले पर डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा कि बटालियन के कमाडेंट धर्मेंद्र गर्ग को आदेश दिए गए हैं कि वह पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपें। इधर मामले को लेकर वाहिनी के अफसर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।