influenza virus: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (इली) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (सारी) के प्रभावी सर्वेक्षण और प्रबंधन के निर्देश जारी किए हैं।
influenza virus: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (इली) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (सारी) के प्रभावी सर्वेक्षण और प्रबंधन के निर्देश जारी किए हैं।
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सभी शासकीय और निजी अस्पतालों को आईएचआईपी पोर्टल पर इन प्रकरणों की अनिवार्य रूप से दर्ज करने के लिये कहा गया है। वहीं मितानिनों के माध्यम से समुदाय स्तर पर ऐसे लक्षणों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है ।
स्वास्थ्य कर्मियों को इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (इली) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (सारी) के इलाज व प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ रेस्पिरेटरी एटीकेट्स के तहत मास्क के अनिवार्य उपयोग की भी हिदायत दी गई है। वहीं अस्पतालों में जरूरी दवाइयों और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ।
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जिन मरीजों पर लक्षणात्मक उपचार का असर न हो या जिन्हें अन्य बीमारियां भी हों, उन्हें कोविड-19 जांच के लिए भेजा जाएगा और जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल एम्स, रायपुर में जीनोम सीक्वेंसिंग हेतु भेजे जाएंगे। सभी धनात्मक मामलों की रिपोर्टिंग करते हुए राज्य सर्वेलांस इकाई को प्रतिदिन रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बच्चों और बुजुर्गों में इन्फ्लुएंजा-ए संक्रमण का अधिक खतरा
इन्फ्लुएंजा-ए संक्रमण की चपेट में किसी भी आयु वर्ग के लोग सामने आ सकते हैं, लेकिन पांच वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका सबसे अधिक खतरा होता है।
प्राथमिक लक्षणों का न करें नजर अंदाज
चिकित्सकों के मुताबिक तेज बुखार, खांसी और जुकाम एन्फ्लुएंजा-ए संक्रमण के प्राथमिक लक्षण माने जाते हैं। इस तरह के लक्षण सामने आने पर लोगों को बिना किसी देरी के चिकित्सकों से परामर्श करना चाहिए। इससे बचाव के लिए लोगों को अपने आस-पास साफ-सफाई रखनी चाहिए। इसके अलावा बाहर जाते समय मास्क लगाना चाहिए।