छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव आने के साथ ही माओवादी गतिविधियों में भी तेजी आ गई है। आए दिन नक्सली यहां चुनाव के विरोध में पोस्टर और बैनर चिपका रहे हैं।
इंडियन एक्प्रेस के मुताबिक इन दिनों चुनाव के विरोध में नक्सली छत्तीसगढ़ के गावों में जा-जाकर सभाएं कर रहे हैं। यहा नक्सली, लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में नोटा(इनमें से कोई नहीं) का उपयोग करने के लिए कह रहे हैं।
सीआरपीएफ के डीजी दिलीप त्रिवेदी के मुताबिक नक्सलियों की पहली कोशिश यह है कि लोग यहां चुनाव का बहिष्कार करें। लेकिन जो लोग चुनाव में भाग ले रहे हैं उनके लिए नक्सली कोशिश कर रहे हैं कि वे अपने वोट के तौर पर नोटा( इनमें से कोई नहीं) का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा कि नक्सली, सुरक्षा अमले पर हमला भी कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में चुनाव आने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई हैं। यहां छत्तीसगढ़ के एक लाख पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य राज्यों से लगभग 56 हजार पुलिस कर्मियों को बुलाया गया है ताकि यहां शांति से चुनाव संपन्न हो सकें।
छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बस्तर के कई इलाकों में तो 12 हजार मतदाताओं वाले क्षेत्र में 20 हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।