छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस नेता और युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह ने झीरम घाटी हत्याकांड की साजिश का सच सामने लाने के लिए मुख्य आरोपी देवा समेत सभी प्रमुख आरोपियों के नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं और देवा की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद सरकार को पूरी स्थिति साफ करनी चाहिए।
खुद को इस कांड का पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए अजय सिंह ने देवा और अन्य आरोपियों को अदालत में पेश कर उनके खिलाफ पूरा चालान दाखिल करने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इस मामले में कितने लोग आरोपी हैं, कितनों के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं और किन मुकदमों को वापस लिया गया है।
एनआईए अदालत के फैसले पर सवाल
अजय सिंह ने एनआईए अदालत के फैसले पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि घटना में हथियारों का इस्तेमाल हुआ था, इसलिए केवल 10 लोगों को दोषी ठहराए जाने से कई सवाल उठते हैं। केवल कुछ ही लोगों को सजा मिलने से पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकती। उन्होंने झीरम कांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मामले पर फिर से विचार करने की जरूरत बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच और कार्रवाई के जरिये मामले को खत्म करना चाहती है।
निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
बीजापुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालू राठौर ने भी झीरम घाटी हमले में न्याय को अधूरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में पहले जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उनकी भूमिका की दोबारा निष्पक्ष जांच नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि सरकार सार्वजनिक रूप से बताए कि किन आरोपियों की जांच हुई, किनके खिलाफ कार्रवाई की गई और किन नामों पर जांच अभी लंबित है।