पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार राय और पूर्व विधायक डॉ बालमुकुंद देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदू संस्कृति, रीति-रिवाज, छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखने के लिए धर्मांतरण को रोकना बेहद अनिवार्य है। छोटे-छोटे यहां पर समाज हैं, परिवार हैं, जो कि खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। आज बाहर से आए हुए लोग यहां पर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर माहौल गरम होने लगा है। बालोर में बुधवार को हिंदू संगठनों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि बाहर से आए धर्म विशेष के लोग इलाज और रोजगार के बहाने गरीबों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। नारायणपुर में भी बैठक के दौरान हुए बवाल पर सवाल उठाया। कहा कि, छत्तीसगढ़ में स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो इसे भी केरल बनते देर नहीं लगेगी। इस दौरान तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
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धर्मांतरण के कुचक्र में फंस रहे छत्तीसगढ़ी
सर्व सनातन हिंदू समाज के नेतृत्व में रैली का आयोजन किया गया था। इसके तमाम हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और लोग शामिल हुए। इस दौरान हुए धरना-प्रदर्शन में भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने कहा कि, छत्तीसगढ़ी समाज के सभी लोग इन दिनों धर्मांतरण के कुचक्र में फंसते जा रहे हैं। यहां पर जगह-जगह पास्टर घूम रहे हैं। उनका लक्ष्य होता है छोटी-छोटी बस्तियां। जहां लोगों की जरूरत है, वहां जाकर धर्मांतरण कर रहे हैं। इसके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
नारायणपुर में कार्रवाई गलत
नारायणपुर में धर्मांतरण मुद्दे पर हुए बवाल को लेकर वरिष्ठ राधेश्याम जल क्षत्रिय ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से बैठक हो रही थी। इसे कुछ असामाजिक तत्वों ने बिगाड़ा, लेकिन सीधे-साधे लोगों के ऊपर रासुका लगाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि, जो असली दोषी हैं, वह फरार हैं। यहां पर सरकार की नीति और नीयत भी सही नहीं है। कहा कि बालोद जैसे शहरों में भी धर्मांतरण कराने वाले लोग थैली लेकर घूम रहे हैं। बस्तर में चर्च का उद्घाटन होता है और वहां सरकार के मंत्री भी पहुंचते हैं।