मस्जिद के सामने से निकलती कलश यात्रा।
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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में दो समुदायों के बीच हिंसा की आग सुलग रही है। इसकी चपेट में पूरा प्रदेश आ गया। वहीं जशपुर जिले में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की गई। रामनवमी पर जहां उपद्रवियों ने शोभायात्रा को रोक दिया था, वहीं से हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर कलश और भगवा यात्रा निकली। खास बात यह है कि इस दौरान मस्जिद से लेकर मंदिर तक की सड़क हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने मिलकर साफ की। रोजेदारों ने मस्जिद में सबके लिए दुआ पढ़ी, तो शिव मंदिर में प्रार्थना की गई।
कुनकुरी के लोधमा गांव में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से मंगलवार को शोभायात्रा का आयोजन किया गया था। इसके लिए सुबह महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। यह कलश यात्रा गांव की उसी मस्जिद से होकर निकली, जहां रामनवमी के दिन कुछ उपद्रवियों ने शोभायात्रा को रोक दिया था। इसके बाद शाम को वहीं से भगवा रैली बाइक पर निकाली गई। उस समय रोजे का समय था और लोग मस्जिद में मौजूद थे। आने-जाने वाले लोगों को उनकी ओर से खाने की चीजें भी वितरित की गईं।
पुलिस की मौजूदगी में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने कलश यात्रा निकाली तो आरएसएस से जुड़े एकल अभियान, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के 700 से ज्यादा लोगों ने बाइक से भगवा रैली निकाली। लोधमा गांव के सरपंच पति रामप्रसाद राम बताते हैं कि डीआईजी और पुलिस अधीक्षक डी. रविशंकर ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई। उन्होंने न केवल शिव मंदिर तक जाने का रास्ता खुलवाया, बल्कि दोनों पक्षों के लोगों साथ मंदिर से मस्जिद तक की सड़क भी साफ की।
आरएसएस से जुड़े संगठन एकल अभियान, ग्राम स्वराज्य मंच के भाग प्रमुख उत्तर छतीसगढ़ राजेश कुमार साहू ने इस भगवा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के जागरण का कार्य चल रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ में एक लाख एकल अभियान स्कूल चलाए जा रहे हैं। हनुमान जन्मोत्सव पर भगवा यात्रा सभी जगह की जा रही है। कुनकुरी में जिस तरह से लोगों में उत्साह देखने को मिला वह अनुकरणीय है। पूरी यात्रा में कहीं भी कोई बाधा नहीं आई।