नेहरू नगर इलाके में सामने आए हाईटेक गांजा हाइडआउट प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य सहयोगी मनीष वर्मा उर्फ बिरजू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 26 मार्च 2026 को पकड़ा गया, जो इस पूरे नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था।
राजधानी रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। नेहरू नगर इलाके में सामने आए हाईटेक गांजा हाइडआउट प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य सहयोगी मनीष वर्मा उर्फ बिरजू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 26 मार्च 2026 को पकड़ा गया, जो इस पूरे नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था।
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इससे पहले 23 फरवरी 2026 को नेहरू नगर–नरैय्या तालाब क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब्दुल जाफर और सुनील जगत को गांजा की बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कालीबाड़ी क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान पर दबिश दी गई थी, जहां से करीब 7 किलो 397 ग्राम गांजा, पैकिंग सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई राउटर और मोशन सेंसर जैसे हाईटेक उपकरण बरामद किए गए थे।
जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी तकनीकी रूप से सुरक्षित हाइडआउट बनाकर संगठित तरीके से गांजा सप्लाई कर रहे थे। इस मामले में मुख्य सरगना मुकेश गुप्ता उर्फ मुकेश बनिया को पहले ही 20 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
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पुलिस की जांच के दौरान सामने आया कि मनीष वर्मा उर्फ बिरजू हाइडआउट को संचालित करने, मकान किराए पर लेने और पूरे नेटवर्क के समन्वय में सक्रिय था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सप्लाई चैन और गिरोह के अन्य सदस्यों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें अब्दुल जाफर, सुनील जगत, मुकेश गुप्ता उर्फ मुकेश बनिया, संजय उर्फ संजू गुप्ता और मनीष वर्मा उर्फ बिरजू शामिल हैं। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।