मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना का बुरा हाल है। साप्ताहिक बाजार में तो योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से पक्के शेड बना दिये गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य अमला बाजार में नहीं पहुंचता। इसका फायदा उठाकर गाांव-गांव घूम घूमकर जड़ी-बूटी से इलाज करने वाले वैद्य इन पक्के शेड में बैठकर साउंड सिस्टम और शर्तिया इलाज का पोस्टर लगाकर लोगों का इलाज कर रहे हैं। मामले में जवाबदार अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना सीएम भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक योजना है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में डॉक्टरों की टीम पहुंचकर वहां आए बीमार लोगों के जांच के बाद दवाई देने का काम किया जाना था। इससे उन्हें साप्ताहिक बाजार में आसानी से दवाई मिल सकती, लेकिन लापरवाही के चलते जिले के दूसरे सबसे बड़े साप्ताहिक बाजार कोटमी में डॉक्टरों की टीम ही नहीं पहुंचती है। बाजार में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के तहत पक्के शेड का निर्माण भी कराया गया है।
वहीं, डॉक्टरों के न पहुंचने का फायदा उठाकर गांव-गांव, सड़क के किनारे पंडाल लगाकर जड़ी-बूटी से लोगों का इलाज करने वाले वैद्य इस पर अपना कब्जा कर लिया है। ये वैद्य बाकायदा साउंड सिस्टम लगाकर इलाज करवाने और सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज किये जाने का प्रचार भी कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि कभी कभार ही साप्ताहिक बाजार में डॉक्टरों की टीम पहुंचती है, जिसका फायदा उठाकर ये वैद्य राज ग्रामीणों को सरतिया इलाज करने का दावा करते हैं।
विकास खंड चिकित्सा अधिकारी एआई मिंज ने ऐसी किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि दोपहर के बाद साप्ताहिक बाजार में मेडिकल टीम पहुंचकर लोगों का इलाज करती है, लेकिन शाम तक कोई भी डॉक्टरों की टीम साप्ताहिक बाजार में नहीं पहुंची।