गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 28 अप्रैल 2025 को हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन नुकसान के आकलन में जुटा है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 28 अप्रैल 2025 को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान में कमी तो लाई, लेकिन किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 25 डिग्री पर आ गया, लेकिन ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन
पेंड्रा, सेंवरा, अमरपुर, भदौरा सहित कई गांवों में दोपहर बाद हुई तेज बारिश और दो घंटे तक चली ओलावृष्टि से धान, गेहूं, उड़द, मूंग, टमाटर, लौकी, भिंडी, बरबटी, गवार फली, आम, चार, तेंदू, और जामुन जैसी फसलों को व्यापक क्षति हुई। अमरपुर गांव में ओलावृष्टि इतनी भारी थी कि मुख्य मार्ग और खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई। कुछ किसानों की गेहूं की फसल खेतों में खड़ी थी तो कहीं कटी हुई फसल रखी थी, जो पूरी तरह बर्बाद हो गई। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और उनके चेहरों पर फसल खराब होने का दुख साफ दिखाई दे रहा है।
किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि इस नुकसान से कुछ राहत मिल सके। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।