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CG: अरपा नदी में अवैध खनन व परिवहन पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, संरक्षण के लिए शासन को कार्रवाई का दिया निर्देश

Wed, 12 Feb 2025 09:40 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

अरपा नदी में अवैध खनन और परिवहन पर हाईकोर्ट ने कहा है कि शासन को चाहिए कि जुर्माने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कड़ी कार्रवाई करें। पूरे प्रदेश में कहीं भी अवैध उत्खनन नहीं हो इसका ध्यान रखें। 
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बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अरपा नदी में अवैध खनन और परिवहन पर हाईकोर्ट ने कहा है कि शासन को चाहिए कि जुर्माने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कड़ी कार्रवाई करें। पूरे प्रदेश में कहीं भी अवैध उत्खनन नहीं हो इसका ध्यान रखें। 

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बता दें कि अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन को लेकर एडवोकेट अरविंद शुक्ला व पेंड्रा निवासी रामनिवास तिवारी ने अलग अलग जनहित याचिका लगाई है। इसमें नदी के उद्गम स्थल को बचाने के साथ ही प्रदूषित होने से रोकने के लिए भी शासन को आवश्यक उपाय करने की मांग की गई है। दूसरी ओर अरपा अर्पण महाअभियान समिति ने भी नदी में विभिन्न स्थानों पर हो रहे अवैध खनन को लेकर जनहित याचिका पेश की है। 

इसमें बताया गया है कि शासन के प्रतिबंध के बाद भी कई स्थानों पर धड़ल्ले से खनन किया जा रहा है। इस मामले में सुनवाई के दौरान ही बारिश में खनन से बने बड़े गड्ढे में तीन बालिकाओं की नहाते समय मौत हो चुकी है । इस पर भी हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू कर दी । इन सब मामलों पर एक साथ चीफ जस्टिस की डीबी सुनवाई कर रही है।
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बुधवार को सुनवाई में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने महाधिवक्ता से कहा कि आपके पास सारे पावर मौजूद है। राज्य में कहीं भी इस प्रकार अवैध खनन नहीं किए जा सके, इसे देखना होगा। अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर मरहास ने बताया कि जिस कंपनी ने गंदे पानी को रोकने का प्रपोजल बनाया था उसे पहले नामंजूर कर दिया गया था। अब इसी कंपनी ने 10 फरवरी को एक रिवाइज्ड प्लान बनाया है। 

इस मीटिंग में हमारी टेक्निकल टीम भी साथ थी। उनकी उपस्थिति में यह प्लान तैयार किया गया है। यह डीपीआर सरकार को मंजूर करना है। इसके लिए कोर्ट ने शासन को 15 दिन का समय दिया। डीबी ने नगर निगम आयुक्त से इस बारे में शपथ पत्र भी मांगा है। अगली सुनवाई अब 24 मार्च को निर्धारित की गई है। सुनवाई में आज भी संबंधित विभाग का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें नदी के संवर्धन और अन्य आवश्यक कार्यों को करने समय अवधि समेत दूसरी जानकारी दी गई।

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