फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीपीएम: चोरी के मामले में तीन आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई सजा, तीनों को तीन-तीन साल की जेल और जुर्माना

Wed, 17 Dec 2025 06:15 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर सख्ती दिखाते हुए द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड एकता अग्रवाल की अदालत ने मोटरसाइकिल चोरी के चार मामलों में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
तीनों आरोपियों को सजा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर सख्ती दिखाते हुए द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड एकता अग्रवाल की अदालत ने मोटरसाइकिल चोरी के चार मामलों में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने चोरी करने वाले दो आरोपियों सूरज चौधरी और मोहम्मद राशिद उर्फ शाकिर को चार अलग-अलग मामलों में प्रत्येक मामले में तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2000-₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

विज्ञापन


अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया है कि अर्थदंड की अदायगी नहीं करने की स्थिति में दोषियों को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सभी मामलों में दी गई सजा एक साथ चलेगी।वहीं चोरी की गई मोटरसाइकिल खरीदने के एक मामले में आरोपी सोनू यादव को भी दोषी पाते हुए अदालत ने तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹2000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे भी दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

पूरा मामला अप्रैल 2025 का है, जब गौरेला क्षेत्र में महज 10 दिनों के भीतर चार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। पहले मामले में 14 अप्रैल को गौरेला निवासी विद्या ताम्रकार की मोटरसाइकिल चोरी हुई थी। इसके बाद 17 अप्रैल को रेलवे स्टेशन क्षेत्र से प्रवेश गुप्ता एवं सुनील अग्रवाल की मोटरसाइकिलें चुरा ली गई थीं। चौथा मामला रेस्ट हाउस के पास से कृष्ण कुमार की मोटरसाइकिल चोरी का था, जिसे आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था।पुलिस विवेचना में सामने आया कि तीनों आरोपी मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के नौरोजाबाद के निवासी हैं। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, बरामदगी और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषसिद्ध माना। इस प्रकरण में शासन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की।अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने जानकारी दी कि अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई सभी सजाएं एक साथ प्रभावी रहेंगी। अदालत के इस फैसले को जिले में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर एक सख्त और नजीरात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें