मां की हत्या के आरोपी पुत्र को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सहायक उप निरीक्षक नवीन मिश्रा ने विवेचना की थी और एजीपी कौशल सिंह ने अभियोजन पक्ष से पैरवी की।
मां की हत्या के मामले में आज एक महत्वपूण फैसला सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल, न्यायालय पेंड्रारोड, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा हत्या के एक जघन्य प्रकरण में आरोपी देवीलाल खैरवार, पिता दादूराम खैरवार, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम टिहाईटोला, थाना मरवाही, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।
यह पूरा मामला एक सितंबर 2023 का है जब दोपहर के समय मरवाही थाना क्षेत्र के टिहाईटोला के रहने वाले आरोपी देवीलाल ने अपनी ही मां धुनी बाई के सिर पर लकड़ी के डंडे (रूंधान का गेंड़ा) से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी।
अभियोजन ने साबित किया कि यह कृत्य आरोपी ने मृतिका को जानबूझकर मृत्यु कारित करने के आशय से किया था। घटना थाना मरवाही अंतर्गत ग्राम टिहाईटोला, बेलझिरिया में घटित हुई थी। पूरे मामले में तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक नवीन मिश्रा थाना मरवाही द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह द्वारा न्यायालय में प्रभावशाली पैरवी की गई। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, परिस्थितियों, आरोपी के सामाजिक व आर्थिक पहलुओं एवं अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी को दोषसिद्ध पाया। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेख किया कि आरोपी ने अपनी ही जननी की निर्ममता से हत्या कर एक अत्यंत क्रूर और अमानवीय कृत्य किया है, जो समाज में अत्यंत निंदनीय है।
पूरे मामले में कोर्ट ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने की सजा सुनाई है।