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GPM News: हेल्थ केयर पर पुलिस का एक्शन, बेरोजगारों को देते थे झांसा; ट्रेनिंग के नाम पर ऐसे बटोरते माल

Tue, 22 Aug 2023 05:17 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही

सार

बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी देने और उसके एवज में 12 से 13 हजार रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। नरेश हेल्थ केयर एनएचसी के संचालक द्वारा किया गया।
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नरेश हेल्थ केयर पर पुलिस का एक्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-क्लिनिक खोलवाने और बेरोजगार युवक-युवतियों को मरीजों का इलाज करने के नाम पर प्रशिक्षण दिलाने और उसके एवज में 45 से 50 हजार रुपये की वसूली कर झांसे में लेकर 13000 हजार रुपए हर माह तनख्वा देने के नाम पर ठगी करने वाले नरेश हेल्थ केयर के डायरेक्टर के ऊपर आखिरकार जीपीएम की गौरेला पुलिस ने धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

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जिले के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी देने और उसके एवज में 12 से 13 हजार रुपए हर माह वेतन देने के नाम पर बड़ी ठगी नरेश हेल्थ केयर एनएचसी के संचालक द्वारा किया गया। संस्था के द्वारा इलाके में रहने वाले बेरोजगारों को रोजगार का झांसा देकर पहले तो ट्रेनिंग के नाम पर एक व्यक्ति से 45 से 50 हजार रुपये भी वसूले और फिर नरेश हेल्थ केयर द्वारा इन युवक-युवतियों को बताया गया था कि ट्रेनिंग के बाद वे अपने अनुसार गांव में हेल्थ केयर सेंटर  ई-क्लिनिक खोलेंगे।

वहां मामूली बीमारी वाले मरीजों का प्राथमिक उपचार कर सकेंगे। इसके एवज में उन्हें नरेश हेल्थ केयर के द्वारा एच शेड्यूल की दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगे। साथ में बताया कि अगर कोई गंभीर मरीज आया तो वे उसे बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर भी करना होगा। इसके अलावा उन्हें ग्रामीणों को नरेश हेल्थ केयर NHC का कार्ड बनाकर देना है, जिसके एवज में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। 
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इन सब की एवज में उन्हें 13 हजार रुपये हर महीने पेमेंट के रूप में मिलेंगे। उसके बाद आधी-अधूरी ट्रेनिंग के बाद कई गांवों में हेल्थ केयर सेंटर खोले भी गए हैं। जब मामले का खुलासा हुआ तब यवक-युवतियों को पता चला कि इस तरह मरीजों का इलाज करना गैरकानूनी है, जिसके बाद बेरोजगार युवक-युवतियों को खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ और वे सभी लोग गौरेला थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

नरेश हेल्थ केयर के द्वारा प्रशिक्षण के नाम पर वसूली गई राशि को वापस दिलाने की गुहार लगाई है। जिसके बाद ठगी के शिकार हुए लोगों के साथ एक और मजाक संस्था के लोगों ने किया। उन्हें फर्जी चेक देकर उन्हें कहा गया कि ये उनका पेमेंट है। लेकिन जब उन्होंने जाकर बैंक में चेक की जांच कराई तो जितने लोगों को चेक दिया गया था। सभी चेक बाउंस हो गए। 

पीड़ित और परिजनों की मानें तो उनके साथ NHC के संचालक के द्वारा नौकरी के एवज में पहले ट्रेनिग के नाम पर 45 से 60 हजार रुपये की वसूली की गई और 13 हजार रुपये पेमेंट देने का झांसा दिया गया। उन्हें कुछ नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि वो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना देखकर ट्रेनिंग करा दी। बाद में ठगी का अहसास हुआ। 

वहीं पुलिस ने मामले में लगातार पीड़ितों के बयान और जांच के बाद नरेश हेल्थ केयर के संचालक डॉ. मनहर के खिलाफ 420 का अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के अनुसार, नरेश हेल्थ केयर के संचालक के द्वारा जिले के करीब 30 बच्चों के साथ ठगी की गई है। अब तक 30 लोग पुलिस के पास पहुंचे है। वहीं उन्होंने कहा है ऐसे विज्ञापनों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। फिलहाल, मामला दर्ज कर मामले में आगे की कार्रवाई ने जुट गई है।

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