मीडिया से बात करते कैबिनेट मंत्री नंद कुमार साय।
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भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने कहा कि, छत्तीसगढ़ (सुकमा) हो या मणिपुर, कहीं भी महिलाओं और बच्चियों के साथ अनाचार, दुष्कर्म हो दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका विरोध होना चाहिए। इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, मणिपुर की घटना को छत्तीसगढ़ से जोड़ना ठीक नहीं है। जनजाति वर्ग कूकी और मैतेई के बीच हिंसा हो रही है। कहा कि, सरकार की देरी के चलते स्थिति बेकाबू हुई है। कैबिनेट मंत्री साय बुधवार को मीडिया से बात कर रहे थे।
अपने एक दिवसीय दौरे पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला पहुंचे नंद कुमार साय ने कहा कि, उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना अभिमत भेजा है कि सबसे पहले मणिपुर में फोर्स लगा कर हिंसा रोकी जानी चाहिए। उनकी मांगों पर बैठकर विचार किया जाना चाहिए। रणभूमि पर इसका इलाज नहीं हो सकता। इसके बाद वहां बैठकर चर्चा करके उनकी मांगों पर विचार किया जाए और संविधान के अनुसार निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि पहले वहां शांति बहाली करें।
उप मुख्यमंत्री बनने से चुनाव में फायदा
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने और सिंहदेव को डिप्टी सीएम बनाए जाने पर साय ने कहा कि, इससे चुनाव में फायदा होगा। ढाई-ढाई साल का जो विवाद था, वह भी इसकी एक वजह थी। पीएम के लगातार हो रहे दौरे को लेकर कहा कि, प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ से बहुत प्रेम हो गया है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश में बीजेपी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इससे पहले प्रेस क्लब पहुंचे कैबिनेट मंत्री नंद कुमार साय ने पंडित माधव राव सप्रे की प्रतिमा पर माल्यर्पण किया। पत्रकारों से चर्चा के बाद साय अमरकंटक रवाना हो गए। वहां नर्मदा दर्शन के बाद रतनपुर मां महामाया के दर्शन करेंगे और फिर रायपुर रवाना होंगे।