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जीपीएम: मरवाही वन परिक्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, रेंजर रमेश खैरवार को उनके पद से हटाया गया

Sat, 08 Nov 2025 03:20 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

गौरेला पेंड्रा मरवाही में मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। शिकायतों की जांच में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ियां पाए जाने के बाद रेंजर रमेश खैरवार को उनके पद से हटा दिया गया है।
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मरवाही वन परिक्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरेला पेंड्रा मरवाही में मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। शिकायतों की जांच में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ियां पाए जाने के बाद रेंजर रमेश खैरवार को उनके पद से हटा दिया गया है। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खैरवार ने अपने कार्यकाल के दौरान कई मामलों में वन विभाग के नियमों और प्रक्रिया की अनदेखी की थी।

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जांच दल ने उनके खिलाफ सरकारी धन की हेराफेरी, वित्तीय अनियमितता और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि की है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, खैरवार पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में कुछ निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया और संबंधित दस्तावेजों में कई विसंगतियां पाई गईं।जांच के दौरान रेंजर खैरवार ने विभागीय टीम के साथ अपेक्षित सहयोग नहीं किया। कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उन्होंने जरूरी दस्तावेज और विवरण समय पर प्रस्तुत नहीं किए। इस रवैये को प्रशासन ने गंभीर माना और इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा।

प्रशासनिक निर्णय के तहत, रमेश खैरवार को तत्काल प्रभाव से बिलासपुर स्थित मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। वहीं, उनकी जगह कटघोरा वनपरिक्षेत्र में पदस्थ मुकेश कुमार साहू को मरवाही वनपरिक्षेत्र का नया रेंजर नियुक्त किया गया है।वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। उन्होंने बताया कि शासन की नीति स्पष्ट है किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी किए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।इस कार्रवाई से वन विभाग के कर्मचारियों में हलचल मच गई है। क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय आने वाले समय में अन्य परिक्षेत्रों में भी संदेश देगा कि विभागीय कार्य में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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