अमित जोगी का कहना है पिता की दिली इच्छा थी कि उनकी समाधि, उनकी जन्म भूमि और कर्म भूमि, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में ही बनाई जाए। उनकी इच्छा के अनुसार गौरेला के ज्योतिपुर में समाधि स्थल बनवाया गया।
बुधवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजीत जोगी की चौथी पुण्यतिथि पर ज्योतिपुर में सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया जा रहा है। अजीत जोगी के ज्योतिपुर समाधि स्थल पर प्रार्थना सभा के साथ ही भजन संध्या का भी आयोजन किया जा रहा है। अमित जोगी समाधि स्थल पर उपस्थित होकर वहां की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
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जिले के गौरेला के विकासखंड के जोगीसार गांव में 29 अप्रैल 1946 को जन्मे अजीत जोगी ने आईएएस, आईपीएस के अलावा छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री का गौरव हासिल किया था। उन्होंने मरवाही विधानसभा क्षेत्र का नाम भारत की राजनीति के इतिहास में पहले पन्ने पर दर्ज कराया था। साल 29 मई 2020 को रायपुर में उन्होने इलाज के दौरान आखिरी सांसें लीं। कल उनकी चौथी पुण्यतिथि है और गौरेला के ज्योतिपुर स्थित समाधि स्थल पर कल सर्व धर्म प्रार्थना सभा के साथ ही भजन संध्या का भी आयोजन किया गया है।
अमित जोगी का कहना है पिता की दिली इच्छा थी कि उनकी समाधि, उनकी जन्म भूमि और कर्म भूमि, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में ही बनाई जाए। उनकी इच्छा के अनुसार गौरेला के ज्योतिपुर में समाधि स्थल बनवाया। विगत वर्ष जोगी परिवार ने उनकी तीसरी पुण्यतिथि रायपुर में मनाई और अब समाधि स्थल में काम लगभग पूरा हो रहा है। जिसके चलते जोगी परिवार इस वर्ष यहीं पर उनकी चौथी पुण्यतिथि मनाएगा।