गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिला मैकल पर्वत श्रेणी का इलाका होने के कारण ज्यादा तर इस इलाक़े में गर्मी कम ही पड़ती है,लेकिन बीते कुछ समय से अब गौरेला पेंड्रा मरवाही इलाके में भी गर्मी अहसास होने लगा है।
मई माह के अंतिम सप्ताह में तेज और चिलचिलाती धूप के साथ गर्मी अब पूरे शबाब पर है। बीते दिनों बदले हुए मौसम और बेमौसम आंधी तूफान और बरसात से जहां गर्मी से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी, अब नौतपा में लोग भीषण गर्मी से बेहाल है। दोपहर में कामकाजी लोग मुंह और सिर पर गमछा बांध गर्मी से बचाव कर रहे हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडा और गन्ना रस का भी सहारा ले रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों की माने तो गर्मी से बच के रहे हर घण्टे दो घण्टे में कुछ न कुछ पेय पदार्थ लेते रहे।
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गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिला मैकल पर्वत श्रेणी का इलाका होने के कारण ज्यादा तर इस इलाक़े में गर्मी कम ही पड़ती है,लेकिन बीते कुछ समय से अब गौरेला पेंड्रा मरवाही इलाके में भी गर्मी अहसास होने लगा है। वही सप्ताह भर पहले पश्चिमी विक्षोव के चलते अचानक मौसम में बदलाव और आंधी तूफान और बारिश के कारण मौसम में बदलाव आया था परंतु उसके बाद नौतपा लगने के बाद सूरज की रोशनी में तपन है राहत देने वाली बात यह है कि यहां मौसम में उमस नहीं होती जिसके कारण आम जनजीवन इतना प्रभावित नहीं हो रहा है कामकाजी लोग धूप से बचने के लिए स्कार्प एवं गमछा बांधकर अपना काम चला लेते हैं।
वहीं गर्मी में सुखे गले को तर करने के लिए गन्ना रस जैसे पेय पदार्थ का सहारा ले रहे है। आने वाले समय में मौसम अभी फिलहाल लगभग एक सप्ताह अभी ऐसे ही रहने के आसार हैं राहत देने वाली बात यह है कि शाम ढलते ढलते मौसम फिर से सामान्य हो जाता है। डॉक्टरों की मानें तो अभी जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है ऐसे में इससे बचने के लिए हर घण्टे दो घण्टे में पये पदार्थ लेते रहें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को खास बचाव करने की जरूरत है वे कोशिश करे कि घरों से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 से 4 बजे तक घरों में ही रहे। हालांकि मौसम विभाग के एडवाजरी के अनुसार इस वर्ष मानसून छत्तीसगढ़ में समय से पहले दस्तक देने की संभावना है पर आने वाले सप्ताह भर लोगो को गर्मी से परेशान होना ही पड़ेगा। वहीं आज पेण्ड्रा में तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है और लोग गर्मी से बेहाल हैं।