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GPM: ड्यूटी के दौरान महिला वन रक्षक के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी, तीन के खिलाफ कार्रवाई

Thu, 11 Jun 2026 08:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पेंड्रा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक महिला वन रक्षक के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पेंड्रा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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महिला वनकर्मी से मारपीट fir दर्ज।।
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विस्तार
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पेंड्रा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक महिला वन रक्षक के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पेंड्रा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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जानकारी के अनुसार लाटा परिसर में पदस्थ महिला वन रक्षक गिरिजा कंवर जब सुरक्षा श्रमिकों के साथ कक्ष क्रमांक 2350 में नियमित जंगल भ्रमण पर निकली थीं। भ्रमण के दौरान उनकी नजर जंगल से सटे एक घर के आंगन में रखी सागौन की बल्ली पर पड़ी। वन विभाग के नियमों के तहत लकड़ी के संबंध में जानकारी लेने के लिए वन रक्षक अपने साथ मौजूद श्रमिकों के साथ उक्त घर पहुंचीं।

बताया जा रहा है कि घर इतवारू भैना का था। वन रक्षक द्वारा लकड़ी के संबंध में पूछताछ किए जाने पर वहां मौजूद इतवारू भैना, उसकी पत्नी सुमित्रा और सास दयावती नाराज हो गए। आरोप है कि तीनों ने वन रक्षक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर आरोपियों ने कथित रूप से महिला वन रक्षक के साथ मारपीट की तथा उनके शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
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घटना के बाद महिला वन रक्षक ने पेंड्रा थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच की और अपराध क्रमांक 0178/26 दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी सुमित्रा, दयावती और इतवारू भैना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121(1), 132, 296, 3(5) एवं 351(3) के तहत अपराध कायम किया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। घटना स्थल और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है तथा गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में भी मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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