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GPM: धान खरीदी केंद्र में बारदाना न होने से भड़के किसान, सड़क पर लगाया जाम, प्रशासन के आश्वासन पर सुलझा मामला

Tue, 31 Dec 2024 04:28 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

किसानों ने विरोध में सड़क पर जाम लगा दिया। साथ ही यह भी मांग कर रहे थे कि फड़ प्रभारी पर भी कार्रवाई की जाए, क्योंकि जब बारदाने नहीं थे तो समय पर बारदानों का प्रबंध क्यों नहीं किया गया।
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किसानों ने सड़क की जाम - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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धान खरीदी केंद्र में धान खरीद न होने से धान बेचने आए किसानों ने सड़क पर बैठकर कर घंटों चक्का जाम कर दिया। केंद्र में बारदाने की कमी की वजह से धान की खरीद नहीं होने के कारण धान खरीद बंद की गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन की ओर से एसडीएम मरवाही मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाकर जाम खुलवाया और देर रात तक धान की खरीद करने की बात कही, तब कहीं जाकर नाराज किसानों ने चक्का जाम खोला।

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धान खरीद खत्म होने में अभी एक महीने का समय शेष है और केंद्रों में अभी से बारदानों की कमी होने लग गई है, जिसकी वजह से किसान उग्र प्रदर्शन भी कर रहे हैं। सामने आया मामला मरवाही के लरकेनी समिति के कोदवाही धान खरीदी केंद्र का है, जहां आज किसान सुबह जब अपनी फसल को सहकारी समिति के कोदवाही लेकर सैकड़ों वाहन से पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि केंद्र में तो आज बारदाने ही उपलब्ध नहीं हैं। पहले तो किसान ने बारदाना आने का काफी समय इंतजार किया, पर जब उन्हें लगा कि आज बारदाना आने के साथ-साथ धान बिकना भी मुश्किल है, तब आक्रोशित किसानों ने मुख्य सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।

सैकड़ों आक्रोशित किसान पेंड्रा सिवनी मरवाही मुख्य मार्ग पर बैठ गए। स्थानीय प्रशासन को जब मामले की जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचा और धान खरीद करने की मांग की। लगभग तीन घंटे तक किसान सड़क पर मौजूद रहे, तब कहीं जाकर प्रशासन की ओर से एसडीएम मरवाही मौके पर पहुंचे और आक्रोशित किसानों की काफी मान-मनौव्वल की। इसके बाद किसान इस बात पर राजी हुए कि उनके धान की खरीद आज ही की जाएगी।
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किसान इसके साथ-साथ यह भी मांग कर रहे थे कि फड़ प्रभारी पर भी कार्रवाई की जाए क्योंकि जब बारदाने नहीं थे तो समय पर बारदानों का प्रबंध क्यों नहीं किया गया। किसानों का कहना था कि यदि आज धान खरीद नहीं हुई तो उनके खलिहान से खरीदी केंद्र लाने तक में हुए उनके हजारों रुपये के परिवहन एवं मजदूरी पानी में चली जाएगी। साथ ही उन्हें अगला टोकन लेने में भी परेशानी होगी। इसके बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि उनके धान की खरीद आज ही देर रात तक की जाएगी, हालांकि प्रशासन अब पूरे मामले पर जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ भविष्य में इस तरह के घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की भी बात कह रहा है।

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