गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में के धनौली गांव में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के उद्घाटन समारोह में उस वक्त हंगामा मच गया, जब क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य पवन पैंकरा ने पाया कि आमंत्रण पत्र से उनका नाम गायब है।
धनौली गांव में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम में जब जिला पंचायत सदस्य पवन पैंकरा पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि प्रोटोकॉल को ताक पर रखते हुए उनका नाम आमंत्रण पत्र से हटा दिया गया था। इस अपमान से क्षुब्ध होकर, पैंकरा ने मंच के सामने ही अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में लोकतंत्र की जगह अधिकारी राज हावी है, जहाँ अफसर तय कर रहे हैं कि किसे सम्मान मिले और किसे अपमान। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अधिकारियों को ही सब चलाना है, तो चुनावों का क्या औचित्य है।
जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे द्वारा मामले को शांत करने के प्रयासों के बावजूद, पवन पैंकरा अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने इस कृत्य को केवल अपना नहीं, बल्कि पूरी जनता का अपमान बताया और कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।