छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंडा-मरवाही (GPM) जिला पुलिस ने नट गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक के आसपास मौजूद रहते। फिर जैसे ही कोई बैंक से रकम निकालकर बाहर आता तो उससे चोरी कर लेते थे। आरोपियों ने छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश में भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों को तलाश कर रही है। आरोपियों ने एक एसईसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी को निशाना बनाया था। मामला मरवाही थाना क्षेत्र का है।
पुलिस ने बताया कि, एसईसीएल के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने छह अप्रैल को मामला दर्ज कराया कि उसका मध्य प्रदेश के आमाडांड स्थित बैंक की शाखा में खाता है। वहां से एक लाख रुपये निकालकर अपने बेटे के साथ मरवाही आया था। रुपये उसने बाइक की डिक्की में रखे थे। उसका बेटा एसबीआई में पर्ची जमा करने चला गया और वह तंबाखू खाने पास की दुकान में गया। जब लौटा तो देखा कि डिक्की टूटी थी और उसमें रखे एक लाख रुपये गायब थे। इसके बाद वह थाने पहुंचा और शिकायत की।
जांच के दौरान दो संदेहियों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन एक आरोपी आमाडांड में बैंक शाखा के अंदर था। जबकि दूसरा बाहर मौजूद था। बाइक सवार लोग जब रुपये लेकर निकले तो उन पर नजर रख रहे थे। मरवाही पहुंचने पर बाइक से रकम चोरी कर ली। इसके बाद अलग-अलग रास्ते से भागकर अपने गांव बुढार के खमरोद पहुंच गए। पकड़े गए आरोपियों में बबलू नट और हीरा लाल शामिल है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, उनके साथ दो और साथी हैं। चोरी की राशि से सभी ने पांच-पांच हजार रुपये खर्चे के लिए बांट लिए। बाकी 50 हजार रुपये राजू नट ने अपने पास रख लिए हैं। आरोपियों ने पूछताछ पर बताया कि इस प्रकार की बहुत सी वारदात उन्होंने की है। इसमें छत्तीसगढ़ औऱ मध्यप्रदेश के विभिन्न थानों में चालान भी हुए है। प्रकरण के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य दो की तलाश पुलिस कर रही है। जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।