गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला ने 112 गाड़ी में बालक को जन्म दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने सराहना की। फिलहाल, सब सुरक्षित हैं।
जिले में संचालित डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा के तहत एक संवेदनशील मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से पीड़ित एक महिला को अस्पताल ले जाते समय डायल-112 वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस घटना से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
ग्राम गांगपुर निवासी मानसिंह ने डायल-112 पर कॉल कर तत्काल सहायता मांगी थी। सूचना मिलते ही गौरेला फाल्कन-2 की टीम मौके पर रवाना हुई। इस टीम में आरक्षक राजाराम बसंत और चालक संतोष राठौर शामिल थे। टीम गांगपुर पहुंची और प्रसूता सरस्वती मरपच्ची (22 वर्ष) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला ले जाने लगी। उनके साथ परिजन और ग्राम की मितानिन भी थीं। अस्पताल पहुंचने से पहले ग्राम गिरवर के पास महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। तत्काल प्रसव की स्थिति बन गई थी। डायल-112 कर्मियों ने वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका।
वाहन में सुरक्षित प्रसव
कर्मियों ने महिला की गोपनीयता और सम्मान का पूरा ध्यान रखा। उन्होंने वाहन में पर्दे की व्यवस्था की। महिला परिजनों और मितानिन के सहयोग से डायल-112 वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसूता ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया।
विज्ञापन
त्वरित कार्रवाई की सराहना
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए। डायल-112 टीम ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला पहुंचाया। वहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक उपचार किया गया। ग्रामीणों ने डायल-112 की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि समय पर मिली सहायता से सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। यह सेवा जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।