घटना की जानकारी के बाद निरीक्षक मधुबाला पात्र, उपनिरीक्षक जयमन कुजूर और सहायक उपनिरीक्षक जीएल साहू टीम सहित शाम 5:30 बजे मौके पर पहुंचे। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किमी नंबर 828/11-13 के बीच रेलवे मेट जवाहर लाल की देखरेख में ट्रैक पैकिंग का कार्य किया जा रहा था। टीम ने बताया कि किमी 828/03-05 के मध्य पैकिंग कार्य चल रहा था। इसी दौरान स्लीपर दबे होने के कारण मेट जवाहर लाल ने स्टेशन मास्टर या उच्च अधिकारियों को बिना सूचित किए मुशी अवतार सिंह व आठ मजदूरों को बुलाकर जैक लगाकर ट्रैक को समतल करने का काम शुरू करवा दिया।
इसी दौरान दुर्ग से चलकर निजामुद्दीन जाने वाली हजरत निजामुद्दीन हमसफ़र एक्सप्रेस ट्रेन घटनास्थल के नजदीक पहुंच गई। ट्रेन को देखकर मजदूरों ने जल्दबाजी में जैक निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। ट्रेन के नजदीक आने पर सभी मजदूर ट्रैक से हट गए, जिससे जैक वहीं रह गया और ट्रेन उससे टकरा गई। घटना में ट्रेन का इंजन के केटल गार्ड और सामने का जनरेटर कार क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के कारण ट्रेन को करीब 10 मिनट (15:43 से 15:53 बजे तक) तक रोकना पड़ा।
जांच में पाया गया कि संबंधित कर्मचारियों ने न तो ब्लॉक लिया, न सुरक्षा संकेत लगाए और न ही अपने उच्च अधिकारियों को इस कार्य की जानकारी दी। इस लापरवाही से ट्रेन में बैठे रेल यात्रियों की जान को खतरा उत्पन्न हुआ। मामले में रेलवे सुरक्षा बल (रे.सु.ब.) पोस्ट पेण्ड्रारोड ने रेल अधिनियम की धारा 153 एवं 174(सी) के तहत अपराध दर्ज करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी में जवाहर लाल, पिता छोटा (53 वर्ष), निवासी वार्ड 7, पटेल मोहल्ला ठेंगाडांड़, अवतार सिंह, पिता वृद्धू सिंह (34 वर्ष), निवासी वार्ड 4, खालेटोला भसकुरा, राम बाबू भैना, पिता कंचन लाल भैना (40 वर्ष), निवासी भसकुरा, मूलचंद भैना, पिता भोला प्रसाद भैना (40 वर्ष), निवासी भसकुरा, उमेश कुमार भैना, पिता लालजी भैना (24 वर्ष), निवासी भसकुरा, जहान सिंह, पिता साखन सिंह (45 वर्ष), निवासी गुड्डीटोला, मेढुका, दीपक कुमार, पिता रामगणेश (24 वर्ष), निवासी गांगपुर, रमेश वाकरे, पिता सुर्जन सिंह वाकरे (40 वर्ष), निवासी गुड्डीटोला, मेढुका, मनोज कुमार धुर्वे, पिता राम सिंह धुर्वे (25 वर्ष), निवासी गांगपुर, मंगलू कुमार भानु, पिता बालचंद भानु (26 वर्ष), निवासी आमानाला, भसकुरा शामिल हैं।
वहीं इस पूरे मामले को रेलवे विभाग गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद आरोपियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।