महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 560 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे का अनुमानित मूल्य लगभग 2 करोड़, 80 लाख रुपये बताया गया है। पुलिस ने तस्करों के पास से एक आयशर माजदा वाहन और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 2 करोड़, 95 लाख, 8 हजार रुपये आंका गया है। पुलिस की यह पूरी कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन निश्चय' के अंतर्गत की गई है।
नाकेबंदी कर वाहन से गांजा बरामद
पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एक आयशर माजदा वाहन में ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप लादकर छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर रेहटीखोल के पास सतर्कता बढ़ाई। पुलिस टीम ने मार्ग पर नाकेबंदी कर आने-जाने वाले सभी संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। कुछ समय बाद मुखबिर के बताए हुलिए और क्रमांक MH 18 BG 7546 वाला आयशर माजदा प्रो 3015 वाहन वहां पहुंचा। पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। वाहन में दो व्यक्ति सवार थे। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में दोनों व्यक्ति लगातार गोल-मोल जवाब देकर पुलिस को गुमराह करने लगे।
कैरेट के नीचे छिपाई गई थीं बोरियां
संदेह होने पर जब पुलिस अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो तस्करों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने वाहन के पिछले डाले में रखे प्लास्टिक कैरेट के नीचे बोरियों में गांजा छिपाकर ले जाने की बात बताई। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन के डाले की गहन तलाशी ली। प्लास्टिक कैरेट हटाने पर उनके नीचे छिपाई गई 16 बोरियां मिलीं। पुलिस ने बोरियों को खोलकर देखा तो प्रत्येक बोरी में लगभग 35-35 किलोग्राम अवैध गांजा भरा हुआ था। तौल कराने पर गांजे की कुल मात्रा 560 किलोग्राम निकली। पुलिस ने गांजे की पूरी खेप को तुरंत जब्त कर दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
ओडिशा से महाराष्ट्र भेजी जा रही थी खेप
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के जलगांव जिले के एरंडोल थाना क्षेत्र के सोनबरखी निवासी 30 वर्षीय अजय रवींद्र पवार और कासोदा थाना क्षेत्र के कासोदा आडगांव निवासी 25 वर्षीय स्वराज महाजन के रूप में हुई है। पूछताछ में तस्करों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह गांजा ओडिशा के बरहमपुर से वाहन में लोड किया था। वे इस खेप को महाराष्ट्र के जलगांव ले जाकर खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने गांजे के परिवहन में इस्तेमाल लगभग 15 लाख रुपये मूल्य का आयशर माजदा वाहन और दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।
कानूनी कार्रवाई और नेटवर्क की जांच
मामले में सिंघोड़ा पुलिस ने दोनों तस्करों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(II)(सी) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभाग के अनुसार जिले में नशीली वस्तुओं के व्यापार को समाप्त करने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत गांजे के मुख्य स्रोत से लेकर उसकी आपूर्ति श्रृंखला, अंतिम गंतव्य और वित्तीय लेनदेन की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।