सुकमा में चार नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना टीम एवं 223, 02 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है।
सुकमा जिले में एक बार फिर से छत्तीसगढ़ शासन की 'छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति' एवं 'नियद नेल्ला नार' योजना का प्रभाव देखने को मिला है। चार नक्सलियों ने सुकमा के नक्सल ऑपरेशन कार्यालय पहुंचकर सुकमा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सरकार की नीति के अलावा लगातार नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया गया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना टीम एवं 223, 02 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है।
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इन नक्सलियों ने किया सरेंडर
1. मुचाकी राजे पुत्र मासा (पुलनपाड़ केएएमएस उपाध्यक्षा) ग्राम पुलनपाड़ थाना चिंतलनार जिला सुकमा
2. कवासी हुंगा पुत्र हिड़मा (पुलनपाड जीआरडी मिलिशिया सदस्य) निवासी ग्राम पुलनपाड़ थाना चिंतलनार जिला सुकमा
3. हेमला जोगा पुत्र स्व. बण्डी (पुलनपाड़ जीआरडी मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी पुलनपाड़ थाना चिंतलनार जिला सुकमा
4. सोड़ी मल्ला पुत्र रामा (सुरपनगुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी किस्टावरम थाना चिंतलनार जिला सुकमा
नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा एवं नक्सल सेल सुकमा आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा। आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।