मवेशियों में खुरहा चपका (एफएमडी) से बचाव के लिए सघन टीकाकरण अभियान 15 अगस्त 2024 से 30 सितंबर 2024 तक जिले के सभी गांव में शत प्रतिशत टीकाकरण किया जाना है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए संयुक्त संचालक डॉक्टर जीएसएस तंवर द्वारा टीकाकरण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
उपलब्ध कराए गए टीका द्रव्य
खुरहा चपका टीकाकरण अभियान के संबंध में जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर वीरेंद्र पिल्ले ने बताया कि जिले के सभी मवेशियों में शत प्रतिशत टीकाकरण का कार्य किया जाना है। टीकाकरण के पूर्व कृमिनाशक दवा पान कराया गया है, जिससे पशुओं में प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो सके। जिले के समस्त अधीनस्थ संस्थाओं को पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
जिले में बना कंट्रोल रूम
जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रत्येक विकासखंड में विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिले में टीकाकरण के लिए अलग-अलग टीकाकरण दल का गठन किया गया है। जिले में संचालित मोबाइल वेटरनरी यूनिट द्वारा भी टीकाकरण में सहयोग लिया जाएगा। टीकाकरण कार्य का भारत पशुधन पोर्टल में प्रविष्टि भी किया जाएगा, जिसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
2025 में खुरहा मुक्त करने का लक्ष्य
विभाग का लक्ष्य है की 2025 तक जिले में सारे मवेशियों में से खुरहा को खत्म किया जाए। इस लक्ष्य को लेकर बड़े कदम विभाग के द्वारा उठाए जा रहे हैं। खुरहा मुक्त 2025 के संकल्प को लेकर टीकाकरण का प्रचार प्रसार व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।