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छत्तीसगढ़ में अवॉर्ड वापसी का एलान: किसान नेता ने खोला मोर्चा, कहा- 'कृषक हितैषी हैं, तो वादा पूरा करें सरकार'

Thu, 26 Jan 2023 08:22 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छ्त्तीसगढ़ के नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति ने गणतंत्र दिवस पर भूपेश बघेल सरकार पर वादाखिलाफी का बड़ा आरोप लगाया है। एक बार फिर नवा रायपुर के आंदोलनकारी किसानों ने मोर्चा खोल दिया है।
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अवॉर्ड के साथ किसान नेता रूपन चंद्राकर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छ्त्तीसगढ़ के नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति ने गणतंत्र दिवस पर भूपेश बघेल सरकार पर वादाखिलाफी का बड़ा आरोप लगाया है। एक बार फिर नवा रायपुर के आंदोलनकारी किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के अध्यक्ष ने कांग्रेस पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है। कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर है। इससे वो आहत और दुखी होकर ससम्मानपूर्वक अवॉर्ड लौटाने की घोषणा की है। इतना ही नहीं समिति ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर रणनीति भी तैयार कर ली है, जो आने वाले दिनों में दोनों सरकारों के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है।

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समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने संयुक्त मध्य प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल के नाम से उनको दिया गया कृषक सम्मान वापस करने की घोषणा कर सबको चौंका दिया है। इस मामले को लेकर वो 28 जनवरी को रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार की वादाखिलाफी पर मोर्चा खोलेंगे। वहीं सरकार के प्रतिनिधि से ससम्मानपूर्वक अवॉर्ड को वापस लेने की गुहार लगाएंगे। उन्हें यह सम्मान रायपुर शहर एवं जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने साल 2015 में प्रदान किया था। 

पं. श्यामाचरण शुक्ल की जयंती पर मिला था सम्मान
अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में  किसान नेता रूपन चंद्राकर ने कांग्रेस की ओर से दिए गए कृषक सम्मान को वापस करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और हरित क्रांति के उन्नायक पंडित श्यामाचरण शुक्ला की जयंती पर रायपुर जिला कांग्रेस की ओर से दिया गया था। उस समय सीएम भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने ही उन्हें यह सम्मान दिया था। 
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उदासीनता का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि किसानों के भूमि अधिग्रहण मामले में न्याय नहीं करने पर उन्हें यह सम्मान वापस करना चाहता हूं। जब कांग्रेस सरकार में नहीं थी, तो वो हमारे आंदोलन के साथ खड़ी थी। टीएस सिंहदेव ने भी आश्वासन दिया था। कांग्रेस के सभी नेताओं को यह बात अच्छी तरह से पता है, लेकिन सरकार में आने के बाद कांग्रेस किसानों से किए वादा को भूल गई है। ऐसे में यह सम्मान रखना उचित नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसानों का फोन नहीं उठाना सही है। कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर है। 

जानें, नाराजगी की वजह
उन्होंने कहा कि सीएम भूपेश को अगर किसानों की फिक्र है और उनका सम्मान किया है, तो इतने सालों से किसान आंदोलनरत हैं, उनकी समस्या का समाधान कब करेंगे। आरोप लगाया कि सीएम किसानों से चर्चा कर मामले को सुलझाना ही नहीं चाहते हैं। नवा रायपुर परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सरकार वास्तविक कब्जा के आधार पर आवासीय पट्टा, चार गुना मुआवजा और पुनर्वास नीति का पालन करने का आश्वासन दे रही है पर उस पर अमल नहीं कर रही है। 

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राहुल गांधी तक लगा चुके हैं गुहार
किसान नेता रूपन चंद्राकर ने कहा कि पिछले दिनों भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उनकी राहुल गांधी से मध्य प्रदेश के आगर-मालवा में मुलाकात हुई थी। वहां उन्हें सभी दस्तावेज, आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेताओं के वादों की फुटेज और बयानों की प्रतियां भी सौंपी है। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने भी हरियाणा में यात्रा के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात यही बात उठाई थी। 



केंद्र सरकार के खिलाफ भी बोला हल्ला
नवा रायपुर परियोजना से प्रभावित किसानों ने आज गुरुवार को राज्य सरकार के खिलाफ भूमि एक्ट को लेकर और केंद्र सरकार के खिलाफ स्वामीनाथन सिफारिश रिपोर्ट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर नवा रायपुर में विशाल ट्रैक्टर ट्रॉली रैली निकालकर बिगूल फूंका। मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। 

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