जिले के डौडी ब्लॉक क्षेत्र में आई फ्लू तेजी से फैल रही है। आदिवासी विकासखंड डौंडी के संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लगभग 17 बच्चे कंजक्टिवाइटिस इंफेक्शन यानी आंख के इंफेक्शन का शिकार हो गए हैं. सभी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी में इलाज कराने के बाद कैंपस के अंदर अलग कैंप में रखा गया है। इस बीमारी की शुरुआत बालोद जिले के राजहरा थाना क्षेत्र के ककरेल गांव से हुई। इसके बाद वार्ड नंबर 11,12, गुण्डरदेही के बेलोदी, गुरुर के अरमरीकला गांव और लोहारा ब्लॉक के नाहंदा गांव में मरीज मिले। सभी मरीजों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
कैंप लगाकर किया जा रहा बच्चों का इलाज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालय परिसर में शिविर लगाकर दूसरे बच्चों का चेकअप किया गया। बच्चों की आंखों में इंफेक्शन की समस्या पाई गई है, जिसके चलते आंखों में जलन-खुजली और लगातार आंख से आंसू बह रहे हैं। इस पूरे मामले में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बताया कि बच्चों की आंखों मे इंफेक्शन हुआ है। एकलव्य परिसर में स्वास्थ्य कैंप लगाकर बच्चों का इलाज किया जा रहा है. बच्चों की पूरी तरह से देखरेख की जा रही है।
संक्रमित हुए बच्चों के नाम
लोमेश, रोहन, अभिनव, गुलशन, तेजराम, भावेश, यशकुमार, वेद प्रकाश, अभिनव कुमार, आमेश्वर, रोहनकुमार, कृष, तीर्थराज, वरुण, गुप्तेष, विक्रम और ओमेंद्र सभी का इलाज किया जा रहा है, ताकि सभी समय पर ठीक हो सकें।
पूरे राज्य में फैली आई फ्लू की बीमारी
वर्तमान समय में आई फ्लू की यह बीमारी पूरे छ्त्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले और डौंडी ब्लॉक में तेजी से फैल रही है। हालांकि इस बीमारी से मरीजों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन इसके फैलने की तेज रफ्तार से भय का माहौल है। इस संक्रमण से आंखों में खुजली, जलन, आंखों से पानी आना और आंखे सूज जाती हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय ठाकुर ने बताया कि मौसम के बदलने और हवा में नमी के कारण ये रोग पनपता है। सामान्यता सात से पंद्रह दिन के भीतर संक्रमित व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाता है। इस रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ सावधानी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर इस संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।