मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (फाइल फोटो)
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी में तीन दिवसीय 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आगाज किया। इस औद्योगिक मेले में देशभर के उद्योगपति, निवेशक, उद्यमी, खरीदार और स्टार्टअप प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल नियम बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उद्योगों को सुविधाएं देने और अनुकूल माहौल बनाने का काम करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार 'मुख्यमंत्री स्टार्टअप' और 'निपुण मिशन' के तहत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करेगी। इस योजना पर राज्य सरकार करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, सरकार 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्रियल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी विकसित करेगी। इस मेले में 300 से अधिक एमएसएमई इकाइयां हिस्सा ले रही हैं, जो अपने उत्पादों और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर रही हैं। सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और निवेशकों के साथ सीधे संवाद को प्राथमिकता दे रही है।
तकनीक और हरित ऊर्जा क्षेत्रों पर जोर
छत्तीसगढ़ में अब पारंपरिक उद्योगों के साथ नई तकनीक आधारित क्षेत्रों को भी प्राथमिकता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एआई, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे उभरते क्षेत्रों में अपार संभावनाएं विकसित कर रही है। सरकार नवा रायपुर को प्रमुख टेक्नोलॉजी और आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। उद्योगों को शीघ्र काम शुरू करने की सुविधा देने के लिए सरकार प्लग एंड प्ले सुविधाओं को बढ़ा रही है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत कर रही है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 के जरिये सरकार निवेश, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा दे रही है।
आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर वास्तविक उद्योगों में बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों के क्षेत्र में हुए कार्यों से लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व और नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ अब उद्योगों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बन रहा है।