पुलिस ने बताया कि हत्या की सूचना मिलते ही उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां मृतक संतोष कुमार साहू के घर को सील किया। साथ ही जांच-पड़ताल की गई। इस दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास महिला की चूड़ी के टुकड़े मिले। पुलिस ने पाया कि संतोष साहू के गले पर चोट का निशान व संदिग्ध पत्नी उमा बाई साहू निवासी बीआरपी कालोनी वरुण किराना दुकान के पास स्टेशन मरोदा थाना नेवई के गाल पर खरोच के निशान थे। जांच में पाया कि संतोष की गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस ने जब उसकी पत्नी उमा साहू से पूछताछ की तो पहले गोल-मोल जवाब देना शुरू कर दिया। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की वो टूट गई और उसने हत्या की वारदात को अपने भतीजे के साथ अंजाम देने की बात कबूली।
उमा साहू ने पुलिस को बताया कि वो अपने पति संतोष साहू से काफी परेशान हो चुकी थी। वो उसे खर्च के लिए पैसे नहीं देता था। इतना ही नहीं चरित्र पर संदेह को लेकर आए दिन वाद-विवाद होता था। इससे काफी परेशान हो गई थी। इसलिए उसने अपने भतीजा लाकेश्वर साहू उर्फ लक्की को ग्राम अण्डा से 27 मई को फोन करके बुलाया। दोनों ने मिलकर मृतक संतोष साहू की हत्या करने की साजिश रची। इसके बाद लक्की ने पहले संतोष को बैठाकर जमकर शराब पिलाई और फिर दोनों सोने चले गए।
जब संतोष सो गया तो दोनों ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के दौरान संतोष ने बचने का प्रयास किया, इसमें आरोपी मगिसा उमा साहू के गाल में खरोच का निशाना आया और उसकी चूड़ियां टूट गईं। इसी निशान से हत्या का मामले का खुलासा हुआ। लक्की ने भी अपनी बुआ के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूली है। पुलिस ने पत्नी और उसके भतीजे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया है।