खदान संचालिका रजनी दम्मानी ने बताया कि हर साल बारिश के चलते खदान को बंद करना पड़ता था, जिससे 3 महीने नुकसान होता था। खेतों में भरे पानी की निकासी निजी जमीन से होते हुए खदान में जाकर भर जाता था, इसको लेकर तहसीलदार को पहले भी कराया है।
दुर्ग जिले के गोडपेंड्री गांव के कुछ किसानों के लिए बारिश आफत बनकर आई है। उनकी कई एकड़ धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। क्रशर खदान मालिक ने पुलिया में मलबा डालकर उसे पाट दिया, जिसके चलते पानी का निकासी नहीं हो पा रही है।
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दुर्ग जिले के गोडपेंड्री से अचानकपुर की सड़क के किनारे के खेत डबरी का रूप ले चुके हैं। बारिश का पानी पहले 60 से 70 एकड़ खेतों में भर गया था। लेकिन अभी भी 25 से 30 एकड़ खेतों में पानी भरा हुआ है। दरअसल पानी की निकासी नहीं होने से खेतों में लगी धान की फसल खराब हो गई है। उसका मुख्य कारण जिस नहर के माध्यम से बरसाती पानी की निकासी होती थी उसके एक तरफ का हिस्सा दम्मानी क्रशर खदान से होकर बाहर निकल जाता था। लेकिन अब खदान संचालक के द्वारा सड़क पर बनी पुलिया पर मलबा डालकर उसे पाट दिया है। जिसके चलते बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। खदान संचालक की इस मनमानी से परेशान होकर किसानों ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की है। वहीं खदान संचालक ने निजी जमीन का हवाला देते हुए पुल से पानी निकासी को पूरी तरफ बंद कर दिया है।
खदान संचालिका रजनी दम्मानी ने बताया कि हर साल बारिश के चलते खदान को बंद करना पड़ता था, जिससे 3 महीने नुकसान होता था। खेतों में भरे पानी की निकासी निजी जमीन से होते हुए खदान में जाकर भर जाता था, इसको लेकर तहसीलदार को पहले भी कराया है। इसके बावजूद अभी तक स्थिति वैसी ही है। इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि किसानों के द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित एसडीएम को जांच के लिए निर्देशित किया गया है। मौके पर पहुंचकर सीमांकन करवाकर पुलिया बंद की गई होगी तो तत्काल उसे खुलवाकर पानी निकासी की जाएगी। सड़क पर बनी पुलिया शासकीय है। वहां दबे मलबा को भी जल्द हटाया जाएगा। जिन किसानों की फसल खराब हुई है। उसका आकलन कर भुगतान भी खदान संचालक से करवाया जाएगा।