दुर्ग में जेवरा-सिरसा चौकी पुलिस ने एक हत्या के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ लिया है। इन आरोपियों में एक अपचारी बालक भी शामिल है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए सामान और लूटी गई रकम बरामद की है।
जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम करहीडीह के सांस्कृतिक भवन के पास 25 अप्रैल की देर रात रामनारायण निषाद की हत्या हुई थी। अपचारी बालक और उसके साथी ने इस वारदात को अंजाम दिया था। मृतक के पैर को गमछे से बांधकर खेत की ओर ले जाया गया था। वहां उसके सिर पर पत्थर पाटकर मौत के घाट उतारा गया। 26 अप्रैल को स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और विवेचना में जुट गई। मृतक रामनारायण निषाद बेमेतरा का निवासी था और करहीडीह में मजदूरी का काम करता था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक शराब के नशे में सांस्कृतिक भवन के पास सोया हुआ था। इसी दौरान अपचारी बालक और उसके साथी उसकी जेब से 2400 रुपये निकाल रहे थे। मृतक ने अपचारी बालक को पकड़ लिया, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने मृतक के गमछे से उसके पैर बांधे और खेत में ले जाकर पत्थर से सिर कुचल दिया।
पुलिस ने संदेह के आधार पर अपचारी बालक को निरुद्ध किया। उसने अपने साथी योगेश निषाद के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया, जिसके बाद योगेश को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में खून से सना तकिया और लूटे गए कुछ पैसे बरामद हुए। योगेश की मां सावित्री निषाद ने खून से सने कपड़े और जूते जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था, इसलिए उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि अपचारी बालक को बाल न्यायालय में पेश किया गया।