एसआईआर में नाम सुधार के नाम पर लाखो की ठगी।
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दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई में मतदाता सूची में नाम सुधारने की प्रक्रिया के बहाने साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर निजी कंपनी के डीजीएम को निशाना बनाया। आरोपी ने एसआईआर में उनके पिता का नाम गलत दर्ज होने की बात कही और सुधार के लिए व्हाट्सऐप पर लिंक भेजा। इस प्रक्रिया के बाद पीड़ित के बैंक खाते से छह लाख 25 हजार रुपये निकल गए।पीड़िता की शिकायत पर पुरानी भिलाई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई है।
पीड़िता विकास सहगल ने पुलिस को बताया कि 7 अक्टूबर 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताया और दावा किया कि एसआईआर में उनके पिता का नाम गलत दर्ज है। इसे ठीक कराने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने की बात कहकर आरोपी ने एक लिंक भेजा। पिता के नाम में सुधार की बात को वास्तविक सरकारी प्रक्रिया समझकर पीड़िता ने लिंक के माध्यम से फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उनके बैंक खाते से 6.25 लाख रुपये की रकम निकल गई। जिसके बाद पीड़िता ने इसकी शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
पीड़ित ने शिकायत में बताया है कि बैंक रिकॉर्ड में लेनदेन का माध्यम आईएमपीएस दर्ज है। इसके अलावा, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड में इन्फीबीम एवेन्यूज लिमिटेड और सीसी एवेन्यू के नाम भी सामने आए हैं। फिलहाल इन नामों का ठगी में क्या संबंध है यह स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस लेनदेन के विवरण, संबंधित खातों,मोबाइल नंबर और रकम के ट्रांसफर की दिशा की जांच कर रही है।पीड़िता ने इसकी शिकायत पहले साइबर पोर्टल में दर्ज कराई थी जिसके बाद पुरानी भिलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई है।