भिलाई गोलीकांड में मारे गए श्रमिकों को दी गई श्रद्धांजलि।
- फोटो : संवाद
छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक जुलाई 1992 को हुए गोलीकांड की बरसी पर छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने रैली निकाली। इसके बाद पावर हाउस स्टेशन पहुंचकर गोलीकांड में मारे गए उनके 17 साथियों को श्रद्धांजलि देकर न्याय की लड़ाई लगातार जारी रखने का संकल्प लिया। भिलाई में हुए इस गोलीकांड में 17 श्रमिक और दो पुलिस के जवान मारे गए थे। प्रदेश में यह पहला मौका था, जब निर्दोष श्रमिकों पर गोलियां चलाई गईं।
श्रमिकों की शहादत दिवस पर प्रतिवर्ष छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा एक जुलाई को भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर शहीद दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए बडी संख्या में मुक्ति मोर्चा के सदस्य और शहीदों के परिवार शामिल हुए। छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा का कहना है कि आज भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका है, जिसके लिए वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
छग मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भीमराव बागडे ने बताया कि प्रतिवर्ष के तरह इस वर्ष भी रैली निकालकर शहीद मजदूरों को रेलवे स्टेशन में श्रद्धांजलि दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार से कई बार निवेदन किया, इसके बाद भी शहीद परिवार के लोगों को अब तक कोई सरकारी नौकरी नहीं मिली। सरकार ने खुद ही माना था पुलिस वालों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले मजदूरों पर गोली चलाई थी।