फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Draupadi Murmu CG Visit: राज्यपाल रमेन और सीएम साय ने किया राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत, कहा- यह गर्व का क्षण

Sat, 07 Feb 2026 12:41 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

Draupadi Murmu Chhattisgarh Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जगदलपुर पहुंची।
विज्ञापन
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Draupadi Murmu Chhattisgarh Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जगदलपुर पहुंची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श् विजय शर्मा और केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति का स्वागत एवं अभिवादन किया।
विज्ञापन

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मां दंतेश्वरी की पावन, ऐतिहासिक एवं आस्था से परिपूर्ण धरती पर राष्ट्रपति मुर्मु का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। इनका आगमन बस्तर अंचल सहित समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का क्षण है। आदिवासी संस्कृति, परंपरा और समृद्ध विरासत से सुसज्जित इस पावन क्षेत्र में उनकी गरिमामयी उपस्थिति प्रदेश के विकास, जनजातीय अस्मिता और नई संभावनाओं को और अधिक सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने स्टॉल में बस्तर की संस्कृति, रहन-सहन, वेशभूषा, वाद्ययंत्र, रीति-रिवाज और भाषाशैली को बेहद करीब से देखा। बस्तर के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी।
विज्ञापन






बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं। ऐसे में आदिवासी बहुल क्षेत्र बस्तर संभाग में उनका आगमन अहम माना जा रहा है। बस्तर संभाग के आदिवासियों के बीच उनके आगमन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। आदिवासी उन्हें अपने बीच पाकर बेहद उत्साहित हैं। इसे आदिवासी समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक माना जा रहा है।


बस्तर के आदिवासी इसे केवल राष्ट्रपति का आगमन नहीं, बल्कि अपनी बेटी या बहन के बस्तर आने के रूप में देख रहे हैं। खास बात यह है कि राष्ट्रपति के बस्तर आगमन से बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही बस्तर की आदिवासी संस्कृति को भी व्यापक पहचान मिलेगी।



बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू का छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में यह पहला दौरा है। इससे पहले चार राष्ट्रपति बस्तर आ चुके हैं। 25 से 26 जुलाई 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बस्तर आए थे।
विज्ञापन


क्या है बस्तर पंडुम
राष्ट्रपति मुर्मु आदिवासी संस्कृति के महाकुंभ ‘बस्तर पण्डुम-2026‘ का शनिवार सुबह 11 बजे शुभारंभ करेंगी । नौ फरवरी तक आयोजित इस जनजातीय समाज के तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में जनजातीय जीवनशैली, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत सहेजने और प्रदर्शित करने का पर्व है। बस्तर पण्डुम लोककला और संस्कृति और स्थानीय परंपराओं से जुड़ा उत्सव है। यह उत्सव बस्तर जनजातीय बस्तर पण्डुम जानजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और उनकी समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।  

12 विद्याओं का प्रदर्शन
बस्तर अंचल में पण्डुम पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव में जनजातीय समाज की जीवनशैली के दर्शन होते है। इस बार पण्डुम पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। युवा कलाकारों के माध्यम से बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा व आभूषण, पूजा पद्धति, बस्तर शिल्प, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य एवं बस्तर वन औषधि पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें