कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा
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खरीफ मौसम में किसानों को खाद-उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन धमतरी ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया है। इस अभियान का उद्देश्य कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। संचालक कृषि राहुल देव के निर्देशन में कृषि विभाग की टीम जिलेभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों की निगरानी कर रही है।
उप संचालक कृषि धमतरी के निर्देशानुसार अनुविभागीय कृषि अधिकारी और विकासखण्ड स्तरीय दलों ने औचक निरीक्षण किए। धमतरी, कुरूद और मगरलोड विकासखण्डों के कई उर्वरक विक्रय केंद्रों की जांच की गई। निरीक्षण में ग्राम दर्री स्थित अशोक ट्रेडर्स द्वारा दो वर्षों से व्यवसाय न करने का मामला सामने आया। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन मानते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
मेसर्स वर्षा कृषि केन्द्र, भानपुरी में 120 बोरी यूरिया का अवैध भण्डारण पाया गया। उर्वरक निरीक्षक ने यूरिया जब्त कर उसके विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। मामले की जानकारी कलेक्टर को दी गई है। उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
अनियमितताओं पर कार्रवाई
हनुमान कृषि केन्द्र (खरेंगा), उपकार ट्रेडर्स (कण्डेल), पवन ट्रेडर्स (कण्डेल) और अंजनेय कृषि केन्द्र (झिरिया) में अनियमितताएं मिलीं। संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जवाबों के परीक्षण के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण उपलब्ध है। वर्तमान में यूरिया 7708.60 मीट्रिक टन, सुपर फॉस्फेट 3787.00 मीट्रिक टन और डीएपी 1534.88 मीट्रिक टन उपलब्ध है। पोटाश 815.67 मीट्रिक टन और एनपीके 3111.68 मीट्रिक टन भी मौजूद है। कुल 16,958.31 मीट्रिक टन उर्वरक सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में उपलब्ध है। अतिरिक्त भण्डारण की व्यवस्था भी चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।