फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dhamtari: आवारा कुत्तों पर अभियान तेज, एबीसी कैंपेन के तहत 947 की नसबंदी, रेबीज रोकथाम पर भी जोर

Thu, 06 Aug 2026 08:33 AM IST
धमतरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी

सार

आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम धमतरी का एबीसी अभियान लगातार जारी है। चार माह से भी कम समय में 947 श्वानों की नसबंदी कर उन्हें टीकाकरण और उपचार की सुविधा भी दी गई है।
विज्ञापन
एबीसी सेंटर, धमतरी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार के एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नगर निगम धमतरी द्वारा आवारा श्वानों की आबादी के वैज्ञानिक एवं मानवीय नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन


नगर निगम के अनुसार यह अभियान 22 अप्रैल 2026 से शुरू किया गया है। इसके तहत प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों की टीम निर्धारित मानकों के अनुसार आवारा श्वानों का स्वास्थ्य परीक्षण, नसबंदी, आवश्यक टीकाकरण तथा ऑपरेशन के बाद उनकी देखभाल सुनिश्चित कर रही है। अभियान का उद्देश्य श्वानों के प्रति मानवीय व्यवहार बनाए रखते हुए उनकी अनियंत्रित संख्या पर प्रभावी नियंत्रण करना है। नगर निगम की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 22 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 के बीच कुल 947 आवारा श्वानों की सफलतापूर्वक नसबंदी की गई। इनमें 573 नर और 374 मादा श्वान शामिल हैं।

कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के पालन की पुष्टि के लिए 4 अगस्त 2026 को एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार गठित ऑर्गन काउंटिंग कमेटी ने ऑपरेशन से जुड़े रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं का भौतिक सत्यापन किया। समिति ने निर्धारित मानकों के अनुरूप दस्तावेजों और ऑपरेशन संबंधी कार्यों की जांच की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: CG: 77 दिन तक बिना बताए ड्यूटी से गायब रहा आरक्षक, SP ने किया बर्खास्त; पहले भी पांच बार रह चुका है गायब

जिला प्रशासन का कहना है कि एबीसी कार्यक्रम से न केवल आवारा श्वानों की संख्या को वैज्ञानिक एवं मानवीय तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, बल्कि रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम, नागरिकों की सुरक्षा और मानव-पशु सहअस्तित्व को भी बढ़ावा मिलेगा। अभियान को आगामी समय में भी चरणबद्ध और सतत रूप से जारी रखा जाएगा।
विज्ञापन


कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एबीसी कार्यक्रम का उद्देश्य किसी भी पशु को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक, मानवीय और टिकाऊ तरीके से आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों की सुरक्षा, जनस्वास्थ्य और पशु कल्याण तीनों को समान रूप से लाभ मिलता है। अभियान की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित सत्यापन भी कराया जा रहा है।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें