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धमतरी: सोशल मीडिया पर ट्रोल हुआ नगर निगम का 'रोता हुआ रावण', लाखों का बजट फिर भी बना हंसी का पात्र

Wed, 21 Oct 2026 07:52 AM IST
धमतरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी

सार

धमतरी में दशहरे के लिए तैयार किए गए 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले के चेहरे को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसे, वहीं स्थानीय नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता और खर्च पर सवाल उठाए। नगर निगम का कहना है कि वास्तविक लागत बिल जमा होने के बाद स्पष्ट होगी।
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रावण के पुतले को लेकर नाराजगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दशहरे के पर पूरे देश में बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया जाता है। भव्य रावण दहन की परंपरा सदियों पुरानी है लेकिन इस साल छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में जो कुछ हुआ, उसने आस्था के इस मंच को एक बड़े मजाक में बदल दिया। धमतरी नगर निगम द्वारा इस वर्ष तैयार कराया गया 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला, अपनी अजीबोगरीब बनावट और शक्ल के कारण पूरे जिले सहित प्रदेश में हंसी का पात्र बन गया।

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दरअसल धमतरी नगर निगम हर साल इस आयोजन के लिए लाखों रुपये का बजट पास करता है। जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से रावण तैयार तो हुआ, लेकिन जब उसका चेहरा सामने आया तो लोग भड़क उठे। रावण का यह स्वरूप खूंखार या प्रतापी दिखने के बजाय बेहद लाचार और रोता हुआ सा दिखाई दिया।

इस अजीबोगरीब रावण की सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग हुई। नेटिजन्स इस पर तीखे तंज कसे,किसी ने इसे कुपोषण का शिकार बताया तो किसी ने शायरी के जरिए लिखा- लंकापति रावण भी आजकल रो रहा है, बजट पूरा पास हुआ फिर भी ये क्यों रो रहा है। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार हुआ रावण का पुतला पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
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जब इस मामले को लेकर जनता का गुस्सा सामने आने लगा तो नगर निगम प्रबंधन ने अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। मामले में नगर निगम के उपायुक्त का कहना है कि रावण बनाने का काम ठेके पर दिया जाता है। प्रशासन का दावा है कि पुतला ठीक-ठाक बना था। 
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हैरान करने वाली बात यह है कि लाखों के इस पुतले पर कुल कितना खर्च हुआ है, इसकी सटीक जानकारी खुद अधिकारियों के पास भी नहीं है। उनका कहना है कि जब ठेकेदार बिल जमा करेगा तब लागत स्पष्ट होगी। धमतरी की जनता अब नगर निगम से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर धार्मिक आस्थाओं और त्योहारों के नाम पर इस तरह पैसों की फिजूलखर्ची और खिलवाड़ कब बंद होगा?

 

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