धमतरी जिले में लगातार बढ़ते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिले में नशीली दवाओं के अवैध विक्रय और नशे के रूप में दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए मंगलवार को राजस्व विभाग एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मेडिकल दुकानों और क्लीनिकों की जांच की गई।
बताया गया कि जांच के दौरान ग्राम कोलियारी स्थित श्रीहरि मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित दवाइयां गाउट गोल्ड, चन्दा गोली तथा पाउडर रूप में जॉइन पैन पाई गईं। साथ ही नशीली दवाइयों के क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने की स्थिति में उक्त मेडिकल दुकान को सीलबंद किया गया।
इसी प्रकार ग्राम कोलियारी में डॉ. दीप सौरभ चंद्राकर के क्लीनिक की भी जांच की गई। निरीक्षण में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन न करने, क्लीनिक के लाइसेंस की वैधता समाप्त होने पर क्लीनिक को सीलबंद किया गया।
जांच की इस संयुक्त कार्रवाई में अतिरिक्त तहसीलदार के अलावा कार्यपालिक दंडाधिकारी कुसुम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई नशीली दवाओं के अवैध विक्रय एवं चिकित्सकीय सेवाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में एक सकारात्मक एवं ठोस कदम बताया जा रहा है।
बता दें कि कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नारको को-ऑर्डिनेशन बैठक में भी कहा था कि जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक संगठित व समर्पित प्रयास की आवश्यकता है। अब तक नशे के कारोबार से जुड़े कुछ व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है तथा मादक पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं नशीली दवाओं का अवैध व्यापार या अनियमित गतिविधियां पाई जाती हैं तो प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।