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गंगरेल बांध में 97% से ज्यादा जलभराव: सात गेट से छोड़ा जा रहा 34,282 क्यूसेक पानी; नदी किनारे गांवों में अलर्ट

Sun, 13 Sep 2026 05:01 PM IST
धमतरी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी

सार

गंगरेल बांध से लगे आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के के गंगरेल बांध के 7 गेट से 34,282 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा।वही जिला प्रशासन द्वारा आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
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गंगरेल बांध के 7 गेट से 34,282 क्यूसेक जा रहा छोड़ा पानी
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विस्तार
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धमतरी जिले सहित गंगरेल बांध से लगे आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।जिसके चलते प्रदेश के मुख्य बांध में नाम आने वाले गंगरेल बांध के 7 गेट से 34,282 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा। वहीं जिला प्रशासन द्वारा आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। 
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जानकारी के अनुसार, जिले में हो रही लगातार वर्षा और जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जलाशयों के जलस्तर और पानी की निकासी की सतत निगरानी की जा रही है। जिले में हो रही वर्षा के चलते गंगरेल जलाशय में 97.16 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 100 प्रतिशत, दुधावा में 94.55 प्रतिशत तथा सोंदूर जलाशय में 75.87 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है।
जलाशयों में पानी की आवक भी लगातार बनी हुई है। गंगरेल में 34,282 क्यूसेक, मुरूमसिल्ली में 2,567 क्यूसेक, दुधावा में 3,040 क्यूसेक तथा सोंदूर में 2,307 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई।
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आगामी वर्षा तथा जलाशय में पानी की संभावित बढ़ती आवक को ध्यान में रखते हुए गंगरेल जलाशय से वर्तमान में 7 गेट से 34,282 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज के माध्यम से इसमें से 5,000 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा 29,282 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। जलाशय में पानी की आवक और जलस्तर की स्थिति के अनुसार निकासी की मात्रा आवश्यकतानुसार आगे और बढ़ाई जा सकती है।

जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की गई है।महानदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर और बहाव में वृद्धि की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन द्वारा संबंधित मैदानी अमले को भी सतर्क रहने तथा जलस्तर एवं परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि नदी, नाले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप न जाएं,अनावश्यक रूप से नदी-नालों और रपटों को पार न करें, तेज बहाव वाले पानी में उतरने अथवा उसे पार करने का प्रयास न करें, बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी-नालों के आसपास जाने से रोकें, नदी के जलस्तर एवं बहाव में वृद्धि को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें,जलभराव की स्थिति में सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, आवश्यकता पड़ने पर चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाकर आश्रय लें।

जिला प्रशासन ने कहा है कि जलाशयों की स्थिति एवं पानी की निकासी में होने वाले बदलावों की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी। नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग प्रदान करें।
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